उत्तरप्रदेश में देसी लहसुन का उत्पादन बढ़ेगा वही मांग और आपूर्ति में संतलुन रहने पर कीमतें काबू में रहेगी। चीन से आने वाले लहसुन की एंट्री अब इंडिया में बंद होने जा रही है। वही भारत लहसुन का निर्यात भी करता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के किसानों को निर्यात की संभावनाओं का लाभ मिलेगा। वही योगी सरकार इसके लिए प्रदेश में वैश्विक स्तर पर बुनियादी सरंचना तैयार हो चुकी है इसके साथ ही जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही सरकार किसानों और बागवानों के हित में एक्सपोर्ट हब की भी स्थापना कर रही है।
देसी लहसुन से खेती को मिलेगा बढ़ावा
प्याज और लहसुन एक दूसरे से काफी अलग है वही भोजन की लज्जत बढ़ाने में दोनों का समान रूप से महत्व रहा है और औषधीय गुणों की बात तो लहसुन,प्याज पर भारी पड़ता है। इसके बावजूद इसके प्याज की तुलना में लहसुन को सुर्खियां कम मिलती हैं। वही देशी लहसुन की कीमतों के आसमान छूने पर चाइनीज लहसुन मार्केट में आ सकता है। इस साल ही लहसुन 400 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड भाव पर बिक रहा है वही लहसुन की मंहगाई की वजह से आम आदमी की भोजन की लज्जत प्रभावित न हो इसके लिए योगी सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत विशेष योजना के तहत लहसुन की खेती को बढ़ावा दे रही है।
लहसुन के औषधीय गुण
अपने एंटीबैक्टीरियल और एंटीफ़ंगल गुणों के कारण यह कई तरह के संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है। वही एंटीऑक्सीडेंट होने के नाते यह शरीर में ऑक्सीडेटिव क्षति को रोकने में भी मददगार है। इसी खूबी के नाते इसके प्रयोग से डेमेंशिया और अल्ज़ाइमर की संभावना कम हो जाती हैं। लहसुन में विटामिन सी, विटामिन बी6, मैंगनीज़, और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इसमें मौजूद सल्फ़र कम्पाउंड ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करते हैं और हृदय रोगों के लिए भी लाभकारी होता है वही बालों को स्वास्थ्य में भी सल्फर की अहम भूमिका होती है। वही एंटी-इंफ़्लेमेटरी होने के नाते यह जोड़ों के सूजन और दर्द में राहत देता है।
भारत लहसुन के निर्यात में दूसरे नंबर पर
लहसुन की खेती किसानों के प्रति रूचि है। इसके साथ ही पिछले 25 वर्षों में इसके उत्पादन में करीब चार गुना वृद्धि इसका प्रमाण है। भारत में लहसुन का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश भी है। वही इंडोनेशिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, वियतनाम, मलेशिया, और ब्राज़ील आदि देशों को भारत लहसुन निर्यात करता है। इसके साथ साल 2023-2024 में भारत ने 56,823 मीट्रिक टन लहसुन का निर्यात किया था, जिसका मूल्य 27.96 बिलियन डॉलर था। ऐसा पहली बार हुआ है, जब भारत ने लहसुन का निर्यात 50,000 टन के आंकड़े को पार किया।







