नाहन : दलित शोषण मुक्ति मंच व अन्य आज नाहन के बस स्टैंड पर राजस्थान में एक दलित स्कूली बच्चे की निर्मम हत्या के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर दलित शोषण मुक्ति मंच के संयोजक आशीष पँवार ने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली की जाति से भरी कट्टरता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे मूल रूप से दलित विरोधी हैं। दलित समुदाय के नौ वर्षीय लड़के इंद्र मेघवाल की शनिवार को उच्च जाति के शिक्षकों के लिए आरक्षित पीने के पानी के लिए एक शिक्षक द्वारा पीटे जाने के बाद मौत हो गई। यह निर्मम घटना राजस्थान के जालोर जिले के “सरस्वती विद्यामंदिर” में हुई। घटना 20 जुलाई की है और छात्र ने 13 अगस्त को दम तोड़ दिया।
भारतीय शिक्षा प्रणाली अभी भी पूरी तरह से ब्राह्मणवादी है और हाशिए के समुदायों के छात्रों को ऊपर की सामाजिक गतिशीलता प्राप्त करने से बाहर करती है। राजस्थान में जो घटना घटी वह जातिवाद और छुआछूत की एक और मिसाल के अलावा और कुछ नहीं है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि छात्र की मृत्यु भारतीय स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर हुई थी। हमारे राष्ट्रों की स्वतंत्रता के 75 वर्षों के बाद भी, दलितों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों को “स्वतंत्रता” प्राप्त नहीं हुई है जिसके वे हकदार हैं।
दलित शोषण मुक्ति मंच राजस्थान में हुई क्रूर घटना की कड़ी निंदा करती है और देश भर की प्रत्येक इकाई से 16 अगस्त को प्रदेश और जिला और खण्ड स्तर पर राष्ट्रीय विरोध दिवस के रूप में मना रहे है
दलित शोषण मुक्ति मंच जिला संयोजक आशीष कुमार ने राजस्थान राज्य सरकार से इस मुद्दे को और अधिक मजबूती से उठाने और मृतक छात्र के माता-पिता को न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग की है और देश प्रदेश के समस्त लोगों से
जातिवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का आग्रह किया है।
इसके इलावा अन्य संगठनों से
क्रिस्टियन कॉइम्युनिटी अध्यक्ष प्रवीण सोडा, युवा विकास क्लब नाहन हरिश सोनू, मनोज टोनी, महिन्द्रों , जनवादी महिला समिति संतोष कपूर , सरोज भारती मान्या बाल्मीकि महिला भारती , किसान सभा सचिव राजेंदर मौजूद रहे।








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