धान और मक्का फसल को अपनी से बचाव करने की सलाह दी गयी है, जबकि हरी सब्जियां की खेती के लिए कृषि के अनुकूल बताया गया है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल और पूर्वोत्तर के राज्यों समेत करीब 10 राज्यों के किसानों को खेती को लेकर सलाह जारी की गई है। सब्जी फसलों पालक, मूली, शलगम, धनिया, मटर की बुवाई के लिए यह सही समय किसानों को बताया गया है। कृषि एडवाइजरी में पकी फसलों की मौसम और कीटों से सुरक्षा करने की सलाह किसानों को दी गई है।
जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मिजोरम और मणिपुर के किसानों को खेती में फसलों के बचाव और सुरक्षा की सलाह दी गयी है। जम्मू और कश्मीर में धान, मक्का और मूंग की पकी फसलों की कटाई और तुड़ाई का काम करने को कहा गया है। इसके अलावा इन फसलों को पानी के सम्पर्क में आने से सड़ने की खतरे को देखते बचाव को सलाह दी जा रही है। वही जम्मू कश्मीर में इस समय तोरई, मक्का, प्याज और लहसुन की बुवाई की जा रही है।
हिमाचल में सब्जी फसलों की बुवाई का सही समय
कृषि सलाह में हिमाचल प्रदेश के किसानों को इस मौसम में 5 से ज्यादा सब्जी फसलों की बुवाई के लिए सही समय बताया गया है।सब्जी की खेती करने वाले किसान पालक, मूली, शलगम, धनिया, मटर, लहसुन, चुकंदर और मेथी की बुवाई कर सकते हैं। उत्तराखंड के किसानों को टमाटर की फसल को कीटों और रोगों से बचाव की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा उत्तराखंड में किसान गन्ने की बुवाई जारी रख सकते हैं। वहीं, अरुणाचल प्रदेश के किसान धान के खेतों में जलस्तर लगभग 5 सेंटीमीटर तक बनाए रखें।
यूपी और बिहार के किसान इन फसलों पर ध्यान दें
कृषि सलाह में हिमाचल प्रदेश के किसानों को इस मौसम में 5 से ज्यादा सब्जी फसलों की बुवाई के लिए सही समय बताया गया है। कहा गया है कि सब्जी की खेती करने वाले किसान पालक, मूली, शलगम, धनिया, मटर, लहसुन, चुकंदर और मेथी की बुवाई कर सकते हैं। उत्तराखंड के किसानों को टमाटर की फसल को कीटों और रोगों से बचाव प्रबंध करने को कहा गया है। इसके अलावा उत्तराखंड में किसान गन्ने की बुवाई जारी रख सकते हैं। वहीं, अरुणाचल प्रदेश के किसान धान के खेतों में जलस्तर लगभग 5 सेंटीमीटर तक बनाए रखें।
मेघालय, नागालैंड और मिजोरम के लिए कृषि सलाह
मेघालय के किसानों को इस मौसम में पत्ता गोभी, फूल गोभी और बैंगन के पौधों का रोपाई करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही यहां के किसान खड़ी फसलों के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था भी कर लें। नागालैंड में मक्का, अदरक और हल्दी की पकी फसलों की कटाई कर लें। यहां के किसान इस समय तोरई या मक्का की बुवाई कर सकते है। मिज़ोरम में किसान झूम धान की कटाई कर लें। वहीं, मणिपुर के किसान धान के खेतों में उचित जलस्तर बनाये रखें। इसके साथ ही यहां पर किसान सोयाबीन, मूंगफली और उड़द के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था कर लें।







