खोया कहो या मावा एक ऐसा डेयरी प्रोडेक्ट है जिसका मुख्य रूप से भारतीय व्यंजनों में उपयोग भी किया जाता है। यह सूखे दूध का एक रूप होता है जिसे कई घंटो तक धीमी आंच पर खुले पैन में फूल फैट के साथ में उबला जा सकता है। इस प्रक्रिया में पानी इवेपोरेट होता है, जिससे फैट, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर एक गाढ़ा और मलाईदार पदार्थ बच जाता है। इस पदार्थ को खोया कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते है मार्केट में इन दिनों नकली खोया मिल रहा है। खोया ज्यादातर मिठाई बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। मार्केट में त्योहारों के समय खोया भी नकली मिलता है, जो हमारी सेहत के लिए हानिकारक होता है। आइए आपको बताते हैं असली खोए की पहचान करने का आसान तरीका।
मिलावटी खोया कैसा होता है?
मिलावटी खोया में ऐसे ढेर सारे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है जो इसकी शेल्फ लाइफ को बढ़ता है। लेकिन इसे बनाने में जिन सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है वह काफी ज्यादा हानिकारक होता है। वही नकली खोया बनाने के लिए स्टार्च, दूध पाउडर, शुगर सिरप, सिंथेटिक दूध और पाम ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है।
शुद्ध और मिलावटी खोये में अंतर
टेस्ट से करे पहचान
मिलावटी खोया में मलाई नहीं होती है और यह आम खोए से ज्यादा लचीला और रबड़ जैसा होता है। इसका स्वाद भी खराब, हल्का कड़वा और खट्टा भी हो सकता है।
हथेली पर रखकर चेक करें
इसके लिए आपको हथेली पर थोड़ा सा खोया लेकर रगड़ना होगा। अगर खोए को रगड़ते समय उसमें से तेल जैसी चिकनाई निकलती है तो यह असली है, साथ ही इसमें से आपको घी की महक भी आएगी। वहीं, नकली खोए में से केमिकल की महक आती है।
मावे को शेप दें
इसके लिए आपको खोए की लोई बनानी है। अगर इस खोए का गोल बन जाता है तो समझ जाए की खोया असली है। अगर खोया गोल टूट जाता है तो यह नकली है ऐसा इसलिए होता है क्युकी खोए में घी होता है। घी में खोए में चिकनाहट बनी रहती है जिससे खोया किसी भी शेप में आ जाता है।
नकली खोया खाने के नुकसान
पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती है।
नकली खोया यूरिया से बना हो सकता है, जो आपके लिवर को प्रभावित करता है।
नकली खोया खाने से किडनी भी डैमेज हो सकती है।
नकली खोया खाने से स्किन एलर्जी भी हो सकती है।







