यदि आप फिजिकली और मेंटली फ़ीट रहरने के लिए आपको योग जैसी चीजें करने की सलाह दी जाती है। आपकी फिजिकल हेल्थ का साबुत आपकी हड्डियां और मांसपेशियां देती है। यदि आप आप 30 सेकंड तक एक पैर पर संतुलन बनाए रखने में सक्षम है तो यह आपकी बेहतर सेहत का संकेत है। लेकिन 30 सेकंड तक पैर पर खड़ा रहना इतना ज्यादा आसान नहीं है। डॉक्टर का कहना है कि जो लोग ऐसा नहीं कर पाते है उनका शरीर गिरने में समय नहीं लगता है जिससे इन लोगों में चोट लगने की संभावनाएं ज्यादा रहती है।
जानिए एक्सपर्ट्स की राय
एक रिपोर्ट के मुताबिक लोगो के गिरने के जोखिम को कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका उनके खड़े होकर बैलेंस बनाने पर निर्भर करता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक उम्र बढ़ने के बाद यह परेशानी ज्यादा होने लगती है क्योकि धीरे धीरे व्यक्ति की आयु में अधिक शारीरिक क्षमताएं कमजोर हो जाती है। अगर कोई 30 सेकंड से कम खड़ा हो पा रहा है तो यह सीधा इशारा करता है कि उस शख्स के घुटने से लेकर चलने में भी समस्याएं पैदा होंगी। इन लोगों में किसी चीज को ज्यादा देर तक पकड़ने में भी परेशानी होगी। ये सभी एक बीमारी का इशारा करते है, जिसका नाम प्रोप्रियोसेप्शन है।
क्या है प्रोप्रियोसेप्शन?
हालांकि, यह कोई बीमारी नहीं है जो मेडिकल वर्ल्ड में पैदा हुई हो। यह एक प्रकार की समस्या है जो उम्र बढ़ने के साथ होती है। इस समस्या में लोगों को गिरने के जोखिम ज्यादा रहते हैं। इन लोगों को शारीरिक संतुलन नहीं बन पाता है। कहा जाता है, बढ़ती उम्र के साथ में मांसपेशियां ढीली हो जाती है, जो खड़ा होने अक्षम बनाती है।







