हिन्दू धर्म में व्रत, त्यौहारों का खास महत्व होता है आने वाले दिनों में महाशिवरात्रि का बड़ा त्यौहार आने वाला है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह होता है इसलिए यह त्यौहार उनके मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन रात के समय भगवान शिव और माता भ्रमण के लिए निकले थे। ऐसे में जो भी भक्त इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करता है उस पर भगवान शिव की खास कृपा होती है इस दिन भगवान शिव तांडव नृत्य करते है जो सृष्टि के विनाश और पुनर्जन्म का खास प्रतीक माना जाता है।
महाशिवरात्रि के दिन ऐसे करे रात्रि जागरण
महाशिवरात्रि के रात्रि जागरण का खास महत्व होता है इस दिन ध्यान करने से आत्मा जाग्रत होती है और भगवान शिव के साथ जुड़ने का अहसास होता है। इस रात मनुष्य के भीतर उत्पन्न होने वाली ऊर्जा ऊपर उठने लगती है यह परमात्मा से मिलन कराने में सहायता प्रदान करती है इस दिन रात्रि के समय सीधे बैठकर भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन ध्यान करने से मन का अज्ञान दूर होता है।
रात्रि के समय बाबा भोलेनाथ की पूजा विधि
महाशिवरात्रि के दिन आप रात को मंदिर जाकर पूजा करे और शिवलिंग की पूरे विधि विधान के साथ में पूजा करे और भगवान शिव का ध्यान से स्मरण करे।
इसके साथ ही दूध, दही, घी और जल से शिवलिंग का अभिषेक करे। भगवान को बेल पत्र,धतूरा और फल आदि चढ़ाए। इसके बाद में एक साथ में मिलकर भजन, कीर्तन और मंत्र जाप करने चाहिए।
इसके साथ ही ध्यान-तपस्या के लिए यह दिन बेहद शुभ होता है, ऐसा करना आपको आध्यात्मिक रूप से उन्नति के मांग की और अग्रसर होते है। और इस दिन जागरण करने और ध्यान करने से इस दिन आपको पारलौकिक अनुभव प्राप्त होते है।







