बिहार सरकार ने सहायता योजना को लेकर के सूचना जारी कर दी है। सहकारिता विभाग की तरफ से इस योजना के तहत खरीफ सीजन में जिन जिन पंचायतों के किसानों को चुना गया था वह अब किसान बिहार फसल सहायता योजना के तहत राशि पाने को लेकर आवश्यक दस्तावेज विभाग में जमा करवा देवे। वही सरकार की तरफ से चयनित ग्राम सूची की लिस्ट भी वेबसाइट पर डाल दी है जिन किसानों के नाम इस सूची में दर्ज है वह जल्द से जल्द अपने जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर जमा करवा दे।
किसान ऐसे करे आवेदन
सहकारिता विभाग द्वारा जारी की गयी सूचना के आधार पर आपको बता दे, सबसे पहले सहकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/cooperative पर जाकर पंचायत से सूची हासिल कर लेवे। इसके साथ चयनित पंचायतों की सूची जिला सहकारिता पदाधिकारी या प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के कार्यालय में भी उपलब्ध है इसके साथ ही चयनित पंचायतों के किसान ई-सहकारी पोर्टल के किसान कॉर्नर से या वेबसाइट पर दिए लिंक के माध्यम से अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर सकते है। इसके बाद में आपको OTP के माध्यम से लॉगिन करना होगा।
जरुरी डॉक्यूमेंट्स
बिहार राज्य सरकार की तरफ से फसल सहायता योजना के तहत रैयत और गैर-रैयत किसान दोनों को आर्थिक मदद दी जा रही है जिसमे से रैयत वाले किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र, जो 31 मार्च 2023 के बाद निर्गत हो अथवा राजस्व रसीद जो 31 मार्च 2024 के बाद निर्गत हुआ है उन्हें अपने जरूरी दस्तावेज जल्द से जल्द अपलोड करने होंगे। इसके साथ ही स्वघोषणा पत्र भी अपलोड करना होगा। इसके साथ ही विभाग द्वारा चयनित पंचायतों के आवेदक किसानों को दस्तावेजों को अपलोड करने के लिए उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नं पर भी लिंक उपलब्ध कराया गया है।
सरकार ने तय की इतनी राशि
बिहार राज्य की फसल सहायता योजना, राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है राज्य की इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुक्सान की स्तिथि में किसानों को आर्थिक मदद देना है इसके साथ ही किसानों द्वारा कोई प्रीमियम भी भुगतान नहीं करना होता है यह योजना किसानों को संकट के समय आर्थिक मदद उपलब्ध करवाती है उन्हें खेती के लिए प्रोत्साहित करती है इस योजना के तहत 20 % तक की फसल नुकसान होने पर 7 हजार 500 रूपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दिए जाते है इसके साथ ही अधिकतम 2 हेक्टयेर के लिए 15 हजार रूपये तक मुवाजा दिया जाता है। 20 % से अधिक फसल का नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 10 हर रूपये दिए जाते है। वही 2 हेक्टेयर के लिए 20 हजार रूपये सरकार के द्वारा दिए जाते है। इसे रकम को किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में DBT के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता है।







