देश में पशुओं की संख्या करीब 30 करोड़ से भी अधिक है। भारत दूध उत्पादन के मामले में नंबर एक पर आता है लेकिन इसके बाद भी पशुपालको को दूध बेचकर ठीक ठाक ही मुनाफा होता है। हालाँकि पशुपालकों की आर्थिक स्तिथि को देखते हुए सरकार कई तरह की स्कीम चला रही है वही प्रति पशु दूध उत्पादन को बढ़ावा देना कोई बड़ा काम नहीं है लेकिन इसके लिए आपको साइंटीफिक तरीके से पशुपालन करना होगा। केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से चलने वाली स्कीम पर ध्यान दे। वहीं एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि अगर डेयरी सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को सशक्त बनाया जाए तो डेयरी सेक्टर की लागत को कम कर मुनाफा बढ़ाया जा सकता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक करे ये 4 जरूरी काम
डेयरी एक्सपर्ट्स के मुताबिक किसानों को है जेनेटिक क्वालिटी वाले बैल का वीर्य प्रजनन के लिए अपनाना चाहिए।
पशुओं के लिए वैज्ञानिक आधार पर फीड-फोडर और देखभाल के तौर-तरीकों को अपनाना चाहिए।
इलाज के लिए बेहतर रोकथाम के तरीके अपनाना चाहिए और सही समय पर टीकाकरण करवाना चाहिए।
इससे पशु का विकास भी होता है उसकी उम्र में भी बढ़ोतरी होती है। वही सही समय से पशुओं को पेट के कीड़ो वाली दवा भी देना चाहिए।
इससे पशु को बीमार होने से भी बचाया जा सकता है।
पशुपालन की लागत कैसे घटाए
डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि फायदेमंद डेयरी के लिए बछड़ा पालन पर ध्यान देवे। क्योंकि सभी तरह के पशुपालन में पशु का बच्चा एक बड़ा मुनाफा होता है। इसलिए बछड़े की देखभाल बहुत जरूरी है। इसके साथ ही पशुपालन क्षेत्र में डिजिटलीकरण के फायदों के बारे में बताया कि डिजिटलीकरण के तहत गाय पालन में काऊ बैल्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से हमे बहुत सारी बीमारियों के बारे में वक्त रहते पता चल जाता है। जिससे बीमारी पर होने वाला खर्च तो बचता ही है, इसके साथ ही पशु भी परेशानी से दूर रहता है और उसके उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है।







