हाल ही में भारत सरकार के द्वारा कृषि क्लिनिक योजना की शुरुआत की गयी है इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को तकनीकी सलाह और सेवा प्रदान करना है। इस योजना के तहत किसानों के समूह को कृषि क्लीनिक और कृषि व्यवसाय केंद्र शुरू करने के लिए सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इन केंद्रों की मदद से किसान मृदा स्वास्थ्य, फसल चक्र, पौध संरक्षण, फसल बीमा, कटाई के बाद की तकनीक और अन्य कृषि संबंधी विषयों के बारे में चर्चा कर सकेंगे। वही किसान कृषि विशेषज्ञ से भी सलाह ले सकते है ऐसे में आइए जान लेते है इस योजना के बारे में जान लेते है।
कृषि क्लीनिक किसानों को फसलों/पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ सलाह और सेवाएं देने के लिए तैयार किया गया है। वही कृषि क्लीनिक की मदद से किसान एक नहीं बल्कि कई सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। कृषि क्लीनिक मृदा स्वास्थ्य, फसल पद्धतियां, पौधों की सुरक्षा, फसल बीमा पशुओं, फीड और चारा प्रबंधन के लिए क्लीनिकल सेवाएं, फसल कटाई के बाद की तकनीक, पशुओं के लिए क्लीनिकल सेवाएं, चारा और चारा प्रबंधन, बाजार में विभिन्न फसलों के मूल्य आदि की सेवाएं दी जाती हैं।
कृषि क्लीनिक योजना का लाभ
45 दिन का फ्री ट्रेनिंग प्रोग्राम
लोन में सहयोग
36% से 44% तक की सब्सिडी
और सबसे जरूरी-स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
सबसे पहले आपको आधिकरिक वेबसाइट जाना है और यहाँ पर अनिवार्य फील्ड सही सही भरना है इसके बाद में सभी डॉक्यूमेंट्स को बताए गए तरीके से और सही साइज़ में अपलोड करना है वही आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए सब्मिट करना है।
योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदक का आधार नंबर.
ईमेल आईडी.
नवीनतम शैक्षणिक योग्यता.
आवेदक का बैंक खाता विवरण.
आवेदक का फोटो







