केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली के कृषि भवन में सीनियर अफसरों की मौजूदगी में ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत ग्रामीण विकास और भूमि संसाधन विभाग की योजनाओं-कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री चौहान ने अधिकारियो से कहा कि वे जलग्रहण विकास कार्यक्रमों को चलाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करें। इसके साथ ही मिट्टी और नमी संरक्षण डेटा के आधार पर निर्णय सहायता प्रणाली बनाकर गांव के लोगों और किसानों को सही सलाह दी गयी। चौहान ने कहा कि लखपति दीदीयों की आजीविका एक आंदोलनकारी रूप है। महिला किसानों की संख्या में आशाजनक प्रगति हुई है, महिला किसानों की संख्या बढ़कर करीब साढ़े चार करोड़ हो गई है।
महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने पर जोर
शिवराज सिंह ने दूध उत्पादन की मांग में वृद्धि के मद्देनजर आने वाली समय में महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने पर भी जोर देते हुए कहा कि कृषि और पशुपालन पूरक है, महिलाओं को इसके दोहरे लाभ के बारे में बताते हुए कृषि और पशुपालन साथ-साथ करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
कृषि भूमि के डिजिटलीकरण पर हुई चर्चा
शिवराज सिंह ने कृषि भूमि के लिए डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) तथा शहरी भूमि सर्वेक्षण के लिए नक्शा (NAKSHA) कार्यक्रम के तहत प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि डीआईएलआरएमपी के तहत अधिकारों के अभिलेख 99% तक कम्प्यूटरीकृत किए जा चुके है वही भूकर मानचित्रों को लगभग 97% तक डिजिटाइज किया जा चुका है। ऐसे में उप रजिस्ट्रार कार्यालयों को 95 प्रतिशत तक कम्प्यूटराइज किया जा चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने इस प्रगति की सराहना करते हुए आगे बेहतर प्रयास करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से जन अभियान शुरू करने को कहा है। वही नक्शा (NAKSHA) कार्यक्रम को देश के 29 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में 152 शहरी स्थानीय निकायों में चलाया जा रहा है, जिनमें से 61 में एरियल फ्लाइंग का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि शेष शहरी स्थानीय निकायों में भी एरियल फ्लाइंग कार्य निर्धारित समय-सीमा में जून 2025 तक पूरा करने के लिए कहा है।
अमृत सराेवर मिशन का बेहतर बनाने को लेकर किया काम
हाल ही में इस बैठक मिशन अमृत सरोवर की समीक्षा कि गयी है जिसमे इसकी ठोस उपलब्धियों एवं गहन प्रभावों के बारे में बताया गया है। इससे मिशन अमृत सरोवर अंतर्गत 50 हजार सरोवरों बनाने का लक्ष्य तय किया गया था, इसे पार करते हुए देशभर में 68 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वही अभियान के तहत लगभग 80 हजार पंचायत प्रतिनिधि और 65 हजार से अधिक उपयोगकर्ता समूह सक्रिय रूप से जुड़ चुके है ये समूह सरोवरों के माध्यम से विविध प्रकार की आजीविका गतिविधियों- कृषि, मत्स्यपालन, पर्यटन व मनोरंजनात्मक कार्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं।







