Himachal News: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंडी द्वारा जिला स्तरीय विश्व थैलेसीमिया दिवस के उपलक्ष में जागरूकता शिविर का आयोजन मातृ शिशु केन्द्र-नेता जी सुभाषचंद्र बोस क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. दिनेश ठाकुर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वाटिका, लोक सिहं नेगी व राकेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रक्त विकार है
इस शिविर में उपस्थित सभी सहभागियों को विश्व थैलेसीमिया दिवस के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रक्त विकार है जिसकी वजह से भारत में प्रतिवर्ष 15000 बच्चे इस विकार के साथ पैदा होते हैं। जिसके कारण रोगी के लाल रक्त कोशिकाओं में प्रयाप्त हिमोग्लोबिन नहीं बन पाता नतीजन व्यक्ति एनिमिया का शिकार हो जाता और जीवित रहने के लिए खून चढ़ाने की निरन्तर जरूरत पड़ती है।
थैलेसीमिया के वचाव हेतू शादी से पहले व गर्भावस्था की पहली तिमाही मे थैलेसीमिया की जांच करवाना जरूरी
शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. वाटिका ने बताया कि थैलेसीमिया के वचाव हेतू शादी से पहले व गर्भावस्था की पहली तिमाही मे थैलेसीमिया की जांच करवाना जरूरी है तभी इस बीमारी से बचा जा सकता है। जबकि इसकी संख्या निरंतर बढ़ रही है जिसके कारण प्रतिवर्ष 20 करोड़ युनिट रक्त की जरूरत केवल इस बीमारी से ग्रसित रोगियों को जीवित रखने के लिये चाहिए होती है। साथ ही इसके उपचार में बहुत पैसा भी खर्च होता है अतः इस बीमारी की जानकारी व सतर्कता ही रोकथाम का एकमात्र उपाय है। इस विशेष जागरूकता शिविर, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, व स्थानीय लोगों सहित 160 प्रतिभागी मौजूद रहे।
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