क्या आपके घर में भी डॉग है, लेकिन वह इन दिनों कुछ अलग सा करता दिख रहा है,मौज-मस्ती करते हुए नजर नहीं आ रहा है? दिनभर भोंकता रहता है या फिर कुछ न कुछ फाड़ने में लगा रहता है जिसे देखकर आपको महसूस हो रहा होगा कि कुछ तो कुछ जरूर गड़बड़ है। यह सब देखकर यदि आप सोच रहे हैं कि आपका डॉगी बढ़ती उम्र के साथ बदल रहा है या वो बीमार है? तो शायद आपका ये सोचना गलत भी हो सकता है क्योंकि एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिससे पता चल सकता है कि आपका डॉगी तनाव में है।
क्या आपके डॉग को है स्ट्रेस?
डॉग्स भी स्ट्रेस में होते है जिनकी पहचान डॉग ऑनर के लिए आसान नहीं हो पाती है। कुछ लक्षणों के मुताबिक ऑनर्स उन्हें बीमार समझ लेते है या उनका डॉग बढ़ती उम्र के साथ बिगड़ रहा है, ये सोच लेते है। मगर शोध में खुलासा हुआ है कि डॉग्स में चिड़चिड़ेपन या तनाव होने की खास वजह पर्याप्त नींद न लेना है।
डॉग्स के तनाव में होने के लक्षण
थकान- आपको अपना डॉग हमेशा थका हुआ दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि उसकी नींद पूरी नहीं हो पा रही है और वो तनाव में जाता जा रहा है।
भूख में बदलाव- पहले जिस चीज को बड़े शौक के साथ खाता था, अब देखना तक पसंद नहीं कर रहा है और खाना भी नहीं खा रहा है तो हो सकता है कि वो स्ट्रेस में हो।
छिपना और हटना- पहले आपके घर आते ही आपके पास भागकर आता था, लेकिन अब आप से ही दूर-दूर रहता है। खास एक्टिव नहीं रहता तो हो सकता है स्ट्रेस में हो।
अपने पैर चाटना- आपका डॉग अपने पैरों को चाटने लगना है और चुपचाप किसी कौने में बैठा रहता है तो आपका डॉगी स्ट्रेस में हो सकता है।
खेलने या घूमने में कोई रुचि नहीं- बाहर घूमने जाने या आपके साथ या फिर अकेले भी आपका डॉगी खेलने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है तो ये भी एक स्ट्रेस का लक्षण है।







