Home Gardening: कड़ाके की ठंड पड़ने से पहले अपने गार्डन में कर ले ये 5 काम, नहीं तो सूख जाएंगे पौधे

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कोरोना के बाद में ज्यादातर लोग होम गार्डिंग करने लगे है जिनमें फल-सब्जी और मसाले जैसी चीजें बाजार से खरीदने के बजाय घर से खरीदना ज्यादा पसंद करते है। घर में उगाई जानी वाली चीजें पूरी तरह से ऑर्गेनिक होती हैं जो हमारी हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। इसके साथ ही घर खर्च को भी कुछ हद तक कम करती है वही गार्डिंग करने वाला हर कोई अपनी बगीचे की ग्रोथ के लिए मौसम और जलवायु से जुड़ी चीजें देखता है। अब देश में सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है ऐसे में गार्डन को ठंड और पाले से बचाने के लिए कुछ खास उपाय करना बेहद जरूरी है।

गार्डन में कर लें ये 5 काम
होम गार्डनिंग करने वाले लोग अगर फल-सब्जी या धनिया, जीरा जैसे मसालों के पौधे लगाए हैं तो उनकी अच्छी ग्रोथ के लिए सर्दियों से बचा कर रखना ज्यादा जरुरी होता है। इसके लिए हमें कुछ जरूरी काम करने होंगे जिसके बारे में सर्दियों से पहले जान लेते हैं।

जल निकासी की व्यवस्था करें
कुछ लोगो का कहना है कि अधिक पानी देने से पौधे जल्दी बड़े होते है जो बिल्कुल गलत है, ‘अति सर्वत्र वर्जते’ कहने का मतलब है कि जरूरत के हिसाब से पानी देने से भी पौधों की जड़, सड़न, रोग, फंगस की दिक्क्त होने लगती है। ऐसे में गार्डन में पानी न जमा होने देवे इसके लिए नालियां बना देवे।

प्रकाश की व्यवस्था करें
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी और पानी के साथ प्रकाश की बहुत जरूरत होती है। हम सबने बचपन में भी पढ़ा था कि प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के जरिए पौधे अपना भोजन खुद बनाते हैं। वही सर्दी के दिनों में धूप थोड़ी कम होती है, इसलिए आप गार्डन में पौधे लगाएं या गमले में दिनभर की धूप आने का रास्ता जरूर बनाएं।

पुरानी मिट्टी का पलटवार
यदि आपके गमले में दो साल से भी अधिक पुरानी मिट्टी है तो इसे बदलकर नई, सूखी और भुरभुरी मिट्टी के साथ बदल दीजिए. गार्डन में पौधे लगा रखे हैं तो खुरपी की मदद से मिट्टी से निकाल ले। इससे एयरेशन को बढ़ावा मिलेगा और पौधों की ग्रोथ बढ़ जाएगी। पुरानी मिट्टी में लगातार पानी या नमी होने से फंगस से पीड़ित होने लगती है।

खाद
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए खाद एक बेसिक जरूरत होती है। वही गार्डनिंग के दौरान हर 30-45 दिनों में उचित मात्रा में वर्मी कंपोस्ट दें, छोटे पौधों में छोटे चम्मच से 2 चम्मच खाद भी पर्याप्त है। जब पौधे अंकुरित होने के स्टेज पर हों तो नारियल के छिलकों से बनी कोकोपीट दें. इसके अलावा किचन वेस्ट से बनी खाद का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान
होम गार्डिंग के दौरान आपका गार्डन पूरी तरह से ऑर्गेनिक होना चाहिए। इसमें किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल न करे तो ज्यादा बेहतर होगा वही इसमें खादों के बारे में आपको पहले ही बताया गया है वही कीटनाशक की बात करे तो इसमें नीम के पत्तो को उबाल कर आप दवा बना सकते है और मूत्र या फिर छाछ का स्प्रे भी पौधों को कई रोगों से बचा सकता है।

Durg Rathor
Author: Durg Rathor

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