Himachal News: मंडी जिला के जोगिन्दर नगर उपमंडल मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत रोपड़ी कलैहडू के गांव रोपड़ी में मां सुरगणी का भव्य मंदिर मौजूद है। यह मंदिर ऐहजू-बसाही सडक़ के साथ रोपड़ी गांव में एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है।

यह मंदिर मुख्य सडक़ से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर संपर्क सडक़ से जुड़ा हुआ है।
मंदिर के दूसरी ओर लडभड़ोल क्षेत्र तथा भभौरी धार का भी खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है
इस मंदिर से जोगिन्दर नगर, चौंतड़ा, बीड़-बिलिंग इत्यादि क्षेत्रों के साथ-साथ हिमाच्छादित धौलाधार पर्वतमाला का विहंगम दृश्य देखते ही बनता है। साथ ही मंदिर के दूसरी ओर लडभड़ोल क्षेत्र तथा भभौरी धार का भी खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। मंदिर प्रांगण में पहुंचते ही जहां मन को एक अलौकिक शांति का अनुभव होता है तो वहीं यहां की मंद-मंद बहती ठंडी हवा का स्पर्श, शरीर में एक नई तरह की ताजगी, उमंग एवं आध्यात्म का प्रवाह महसूस होता है।कहा जाता है कि मां सुरगणी को पुराने समय से ही मौसम की देवी के रूप में पूजा जाता रहा है।
वर्षा या अनावृष्टि होती थी तो स्थानीय लोग मनौती के रूप में मां सुरगणी को बकरी की बली देते थे
कहते हैं कि जब कभी भी अत्यधिक वर्षा या अनावृष्टि होती थी तो स्थानीय लोग मनौती के रूप में मां सुरगणी को बकरी की बली देते थे। ऐसा करने से लोगों की मन्नत पूरी हो जाती थी। परन्तु वर्तमान समय में बलि प्रथा को बंद कर कड़ाह-प्रसाद व पकौनियों की प्रथा को शुरू किया गया है तथा अब लोग मनौती के लिए मां को कड़ाह-प्रसाद व पकौनियां चढ़ाते हैं।
कहते हैं कि पुरातन समय में मां सुरगणी पिंडी रूप में दो पत्थरों के बीच एक शिला में विराजमान थी। कहते हैं कि वर्ष 1985 को स्थानीय निवासी गुरी सिंह को मां ने स्वपन के माध्यम से पिंडी स्थान पर मंदिर निर्माण करने को कहा। ऐसे में यहां पर एक छोटा सा मां का मंदिर निर्मित किया गया। वर्तमान में यहां पर मां का एक बड़ा मंदिर स्थापित किया गया है। साथ ही शिव व शनि मंदिरों का भी निर्माण किया है।
मंदिर में चैत्र नवरात्र के दौरान अष्टमी व नवमी को भव्य मेले का आयोजन कर भंडारा इत्यादि भी आयोजित किया जाता
स्थानीय एवं मां सुरगणी के प्रति गहरी आस्था रखने वाले लोगों के सहयोग से मंदिर परिसर को लगातार विकसित किया जा रहा है।मंदिर परिसर विकास के लिए मंदिर कमेटी सुरगणी का गठन किया गया है तथा मेघ सिंह चौहान कमेटी के वर्तमान अध्यक्ष हैं। मंदिर कमेटी के समन्वयक रोशन लाल ठाकुर ने बताया कि मंदिर कमेटी ने दो मंजिला सत्संग भवन निर्माण करवाने का भी निर्णय लिया है। जिसके लिए मां के प्रति आस्था रखने वाले लोग मंदिर कमेटी को अपना सहयोग प्रदान कर सकते हैं।मंदिर में चैत्र नवरात्र के दौरान अष्टमी व नवमी को भव्य मेले का आयोजन कर भंडारा इत्यादि भी आयोजित किया जाता है। साथ ही चैत्र नवरात्रि के दौरान सरस्वती पाठ भी करवाया जाता है।
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