हिन्दू धर्म में पीपल पेड़ की पूजा का विशेष महत्व होता है इसके साथ ही दिन में पीपल पेड़ में जल देने और दिया जलाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं शनिवार के दिन पीपल में जल देने से साढ़ेसाती और ढैय्या जैसे दोष भी दूर होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल पेड़ में कई देव देवताओं का वास होता है। इसके साथ ही शनिवार के दिन पीपल पेड़ की पूजा करने से धन धान्य की कमी नहीं होती है।
शनिवार के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर के विधिपूर्वक पीपल वृक्ष की पूजा करें। इसके साथ माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की भी पूजा करें। ऐसा करने से आपके घर से दरिद्रता दूर होगी और मां लक्ष्मी का वास बना रहेगा। इसके अलावा सुबह के समय पीपल पेड़ के नीचे सरसों तेल वाला दीया जलाने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
ऐसे करे पीपल पेड़ की पूजा
शनिवार के दिन स्नान आदि कर सूर्योदय के पहले पीपल पेड़ की पूजा करें।
पीपल पेड़ के साथ ही शनि देव की भी पूजा करें।
इसके बाद पीपल पेड़ के नीचे सरसों तेल वाला दीया जलाएं।
अब पीपल पेड़ के कुछ पत्तों को तोड़कर गंगाजल से धो लें।
हल्दी डालकर मिला लें और दाएं हाथ की अनामिका अंगुली से पीपल के पत्ते पर ह्रीं लिखें।
इसके बाद इस पीपल के पत्ते को पूजा स्थान रखकर इसकी पूजा करें।
पूजा के बाद पत्ते को अपने पर्स या तिजोरी में रख लें। इस उपाय को करने से धन-धान्य में बरकत होती है।
कारोबार में होगी वृद्धि
यदि बिजनेस में मंदी चल रही है और आपके काम की गति की धीमी हो गयी है तो शनिवार के दिन पीपल का पत्ता लेकर उसे साफ़ पानी से धोएं, चंदन से उस पत्ते पर स्वस्तिक बनाये और अपने व्यापार की वृद्धि के लिए ध्यान करें। इस पत्ते को अपनी तिजोरी में या आप जहां भी पैसे रखते हों, वहां पर रख दें। इस उपाय को आप लगातार 7 शनिवार तक करें। अगले शनिवार को तिजोरी में से पुराना पत्ता निकालकर नया रख दें और पुराने पत्ते को नदी में प्रवाहित कर दें।







