मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को गुरु प्रदोष व्रत रखा जाता है यह तिथि 28 नवंबर 2024 को है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की आराधना करने शुभ फलो की प्राप्ति होती है। वही हिन्दू धर्म में प्रदोष काल की पूजा का महत्व होता है वही त्रयोदशी तिथि में रात्रि के प्रथम प्रहर, यानि सूर्योदय के बाद शाम के समय को प्रदोष काल कहते हैं। त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है- वह सभी पापों से मुक्त होता है। इसके साथ ही प्रदोष व्रत के दिन कुछ उपाय करने से भी भक्तों को विशेष फलों की प्राप्ति होती है।
अपने बिजनेस की दिन-दुगनी, रात-चौगनी तरक्की के लिये आज के दिन शाम के समय रंगोली वाले पांच अलग-अलग रंग लेकर, शिव मन्दिर में जाएं और उन रंगों से एक गोल फूल की आकृति वाली रंगोली बनाएं। अब इस रंगोली में बींचो- बीच घी का दीपक जलाएं और हाथ जोड़कर शिवजी का आशीर्वाद देते हुए ध्यान करें। आज के दिन ऐसा करने से आपके बिजनेस की दिन-दुगनी, रात-चौगनी तरक्की होगी।
यदि आप अपने शत्रुओं से परेशान हैं और उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आज के दिन शमी पत्र को साफ पानी से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें और ‘ऊँ नमः शिवाय’ मंत्र का 11 बार जाप करें। आज के दिन ऐसा करने से आपको अपने शत्रुओं से जल्दी ही मुक्ति मिलेगी।
अगर आप किसी मुकदमे में फंसे है और उसके चलते आपकी परेशानियां घटने के बजाय बढ़ती जा रही हैं, तो आज के दिन धतूरे के पत्ते को पहले साफ पानी से धो लें, फिर उन्हें दूध से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें। आज के दिन ऐसा करने से आपको मुकदमे की परेशानियों से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।







