भारत में लगभग 80 % लोग चाय का सेवन करते है, सर्दी हो या फिर गर्मी लोगों की सुबह की शुरुआत चाय के साथ में होती है। इतना ही ऑफिस में काम के दौरान भी लोग चाय का सेवन करना पसंद करते है। भारत में चाय की खेती मुख्य रूप से पूर्वोत्तर और दक्षिणी भारत में होती है। इतना ही नहीं असम और पश्चिम बंगाल देश के सबसे बड़े चाय उत्पादक राज्य हैं, जो कुल उत्पादन में करीब 83 % का योगदान देते हैं। ऐसे में चाय की खेती करने वाले राज्यों में बिहार का नाम भी शामिल हो गया है। पिछले कुछ सालों से बिहार में चाय की खेती का रकबा भी तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। वही बिहार में चाय की बढ़ती मांग और चाय की खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार चाय की खेती करने वाले किसानों को सब्सिडी भी दे रही है। जिसकी मदद से किसान आसानी से चाय की खेती कर पा रहे हैं।
बिहार सरकार दे रही सब्सिडी
बिहार की सरकार चाय विकास योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी दे रही है जिसमे अधिकतम 4 हेक्टेयर के लिए सब्सिडी दी जा सकती है। चाय क्षेत्र के विकास के लिए प्रति इकाई लागत पर 4.94 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की सीमा तय की गई है। इसके अलावा न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर सब्सिडी दी जा रही है।
इस स्कीम का कैसे मिलेगा लाभ
चाय विकास योजना के माध्यम से किसानों को चाय के पौधे लगाने में मदद की जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को दो किस्तें दी जाती हैं। जिसमें 75:25 के अनुपात में किसानों को किस्तें दी जाएंगी। वही दूसरी किस्त पहले से लगाए गए पौधों के विकास के लिए दी जाती है।
किसे मिलेगा इस योजना का फायदा
इस योजना का लाभ बिहार के कुछ जिलों के किसानों को मिलेगा। वही पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सुपौल और कटिहार जिले के लोग इसका लाभ उठा सकते हैं।
आवेदन प्रोसेस
बिहार सरकार की चाय विकास योजना का लाभ उठाने के लिए किसान बिहार सरकार के बागवानी निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।







