Himachal News: आज भारत की नौजवान सभा ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का 92वां शहीद दिवस मनाया। नौजवान सभा ने इस उपलक्ष पर मशाल जुलूस का आयोजन किया तथा भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी गई ।

अंत में नौजवान सभाराज्य प्रधान सुरेश सरवाल, मंडी ज़िला उपाध्यक्ष जय देव ने बात रखते हुआ कहा कि 1931 में आज के दिन ही भगत सिंह तथा उनके दो साथी राजगुरु और सुखदेव देश की आजादी के लिए साम्राज्यवादी ताकतों से लड़ते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए थे ।
सपना आज के युवाओं की आंखों से धूमिल होता जा रहा है
परंतु दुर्भाग्य की बात है कि आजाद भारत के जिस सपने को लेकर वे लोग मौत को गले लगा गये वह सपना आज के युवाओं की आंखों से धूमिल होता जा रहा है।उन्होंने कहा कि देश के अंदर अनेक ऐसे संगठन है जो भगत सिंह के नाम का उपयोग राजनीतिक फायदे के लिए तो करते हैं परंतु उनका भगत सिंह के विचारों से दूर-दूर तक कोई सरोकार नहीं है ।
भगत सिंह समाजवाद के प्रबल समर्थक थे
आजादी के बाद की प्रत्येक सरकारों ने सुनियोजित तरीके से भगत सिंह के विचारों को युवाओं से दूर रखने के प्रयास किए तथा भगत सिंह को भीड़ इकट्ठा करने का एक जरिया मात्र बनाकर रख दिया ।उन्होंने कहा कि भगत सिंह समाजवाद के प्रबल समर्थक थे। उनकी स्पष्ट समझ थी कि आजाद भारत एक समाजवादी देश हो ताकि सभी के अधिकार वह स्वतंत्रता सुरक्षित रहे।
भगत सिंह के विचारों की अहमियत पहले से कहीं अधिक बढ़ जाती है
परंतु आज हम देख रहे हैं कि सत्ता पर उन ताकतों का कब्जा है जो पूंजीपतियों के कदमों में नतमस्तक है। ऐसे में आज भगत सिंह के विचारों की अहमियत पहले से कहीं अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा की नौजवान सभा जो भगत सिंह की विरासत लिए हुए है तथा हमेशा उनके विचारों को लेकर उनके सपनों के भारत के लिए संघर्षरत है। इस अवसर पर पोविंदर कुमार सह सचिव, अंकूर, भूपेंद्र, सनी, रेखा, सुनीत, रीना, जयवंती इत्यादि ने हिस्सा लिया।
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