Himachal News: राजधानी शिमला में सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 20 इलेक्ट्रिक बसों के काफिले को हरी झंडी दिखाकर एचआरटीसी के बेड़े में शामिल किया.

वर्तमान सरकार लगातार प्रदेश को ग्रीन और क्लीन स्टेट बनाने की बात कहती आई है.
सरकार ने 20 नई इलेक्ट्रिक बसें हिमाचल पथ परिवहन निगम में शामिल की
इसी दिशा में प्रदेश सरकार ने 20 नई इलेक्ट्रिक बसें हिमाचल पथ परिवहन निगम में शामिल की. इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बार फिर प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने की सरकार की मंशा पर जोर दिया. मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश को जल्द ही हरित ऊर्जा राज्य बनाने की बात दोहराई और साल 2026 एचआरटीसी के बेड़े को 80 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी में तब्दील करने की बात कही. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आने वाले वक्त में हिमाचल प्रदेश का पर्यावरण बचा रहे और यहां की जलवायु स्वच्छ बनी रहे सरकार इस दिशा में काम कर रही है.
सरकार का उद्देश्य हिमाचल की जलवायु के हिसाब से परिवहन व्यवस्था को चलाने का है
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि साल 2026 तक प्रदेश के एचआरटीसी बड़े को 80% इलेक्ट्रिक बसों में तब्दील किया जाए. सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हिमाचल की जलवायु के हिसाब से परिवहन व्यवस्था को चलाने का है. उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के बंगाल से बसों के बेड़े को इलेक्ट्रिक बसों में तब्दील करने का सरकार का उद्देश्य है. उन्होंने कहा हालांकि दूरदराज क्षेत्रों में चार्जिंग की सुविधा भी नहीं है इसलिए प्रदेश में डीजल बस में भी चलती रहेंगी. वहीं प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस के संचालन के लिए विभिन स्थानों पर चार्जिंग गन लगा दी गई है.
जीरो बुक वैल्यू की पूरी रिप्लेसमेंट सरकार की ओर से की जा चुकी है
तो हिम ऊर्जा के तहत नीति में परिवर्तन करके इन चार्जिंग स्टेशन तक बिजली उपलब्ध करवाने के लिए सरकार क्या करेगी.वहीं इस मौके पर उप मुख्यमंत्री और परिवहन विभाग संभाल रहे मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अरे सरकार अब तक प्रदेश में 202 नई बसें विभाग में जोड़ चुकी हैं जिसके बाद जीरो बुक वैल्यू की पूरी रिप्लेसमेंट सरकार की ओर से की जा चुकी है. उन्होंने कहा की इन बसों में डेढ़ सौ डीजल बसें, 11 वोल्वो और 35 इलेक्ट्रिक बसें शामिल है. उप मुख्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा मौजूदा समय में एचआरटीसी की 12 सौ केकरी बसे 12 से 15 किलोमीटर चल चुकी है ऐसे में इन बसों को बदलने की जरूरत है. मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह व्यवस्था उन्हें विरासत में मिली है इसमें अधिकतर बसें इलेक्ट्रिक शामिल की जाएगी तो साथ में डीजल बसें भी शामिल की जाएगी.
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