बिहार सरकार ने जहां हर दिन एक नई सफलता अर्जित कि है वही अब उसकी फसलों के सही भंडारण को लेकर बिहार सरकार द्वारा कार्य योजना तैयार की जा रही है, ताकि फसल के बाद होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। वही प्याज के भंडारण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अनुदान देने का निर्णय लिया है ताकि किसान आधुनिक भंडारण संरचनाएं विकसित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें और बेमौसम प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाया जा सके।
प्याज भंडारण की भारी कमी।
कृषि मंत्री का कहना है कि साल 2025-26 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्याज भंडारण संरचना के लिए कुल 4 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत वाली योजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है वही उनका कहना है कि बिहार में प्याज के पर्याप्त और चित भंडारण की सुविधा की भारी कमी है, जिसके कारण प्याज उत्पादक किसान आपातकालीन बिक्री के लिए विवश हो जाते हैं। इन सभी समस्याओ से निपटने के लिए सरकार द्वारा भंडारण संरचना का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि प्याज उत्पादक किसान गैर-मौसमी समय में भी अपने उत्पाद का उचित बाजार मूल्य प्राप्त कर सकें।
किसानों को मिलेगा पर्याप्त अनुदान
कृषि मंत्री ने बताया कि प्याज भंडारण संरचना के निर्माण के लिए प्राक्कलन की राशि अथवा अधिकतम 6 लाख रुपये की लागत पर 75 प्रतिशत यानी 4.50 लाख रुपये प्रति इकाई का सहायता अनुदान दो समान किश्तों में डीबीटी इन कैश के रूप में दिया जाएगा। वहीं,पहली किस्त सिविल कार्य (नींव, प्लिंथ और छत स्तर के ढांचागत निर्माण) के बाद और दूसरी किस्त संरचना निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत दी जाएगी। वही प्रति किसान परिवार को अधिकतम एक प्याज भंडारण संरचना का लाभ दिया जाएगा।
किसानों का चयन ऑनलाइन आवेदन के आधार पर किया जाएगा। वही कृषि मंत्री का कहना है कि यह पहल न केवल उत्पादन के बाद होने वाले नुकसान को कम करेगी, बल्कि बाजार में कीमतों को स्थिर रखने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने में भी मदद करेगी। वही प्याज भंडारण योजना के अंतर्गत किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, डेमो संरचनाओं का प्रदर्शन, और निर्माण के लिए डिजाइन और परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे उच्च गुणवत्ता बनाए रख सके।







