Close this search box.

Krishna Draupadi Katha: भगवन श्री कृष्ण ने इस तरह से बचाया द्रोपदी का चीर हरण, पढ़िए पूरी कथा

Krishna Draupadi Katha

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Krishna Draupadi Katha : संसार में मित्रता का रिश्ता सबसे अनोखा और पवित्र रिश्ता माना जाता है। ऐसा ही रिश्ता भगवान श्री कृष्ण और द्रौपदी का भी था। भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी को अपनी सखी मानते थे। जब भी द्रौपदी किसी मुसीबत में होती तब वह सिर्फ भगवान श्री कृष्ण को ही पुकारती थी। द्रौपदी भी भगवान श्रीकृष्ण को अपना सच्चा मित्र मानते थे। आज हम आपको भगवान श्री कृष्ण और जो द्रोपदी की कथा के बारे में बताने जा रहे हैं।

Krishna Draupadi Katha : कृष्ण और द्रोपदी का रिश्ता

आपको बता दें, द्रौपदी पांचाल देश के राजा द्रुपद द्वारा किए गए यज्ञ में यज्ञ कुंड से उत्पन्न हुई थी। यज्ञ कुंड से उत्पन्न होने के कारण द्रौपदी को यज्ञ सैनी के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि द्रौपदी का रंग सांवला था इसलिए द्रौपदी को कृष्णा भी कहा जाता है। पांच पति होने के कारण जो पति को पांचाली भी कहा जाता है।

Krishna Draupadi Katha

राजा द्रुपद अपनी पुत्री द्रौपदी का विवाह श्री कृष्ण से करवाना चाहते थे। लेकिन द्रौपदी तो श्रीकृष्ण को अपना प्रिय सखा मानती थी और कृष्ण भी द्रौपदी को प्रिय से कम मानते थे। द्रौपदी और श्री कृष्ण के बीच मुलाकात हुई। तब भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी को अर्जुन के बारे में बताया और कहा कि वह आर्यों में श्रेष्ठ है और तुम्हारे लिए उत्तम है। इस तरह भगवान श्री कृष्ण की द्रौपदी और अर्जुन की तरफ आकर्षित हुआ था। श्री कृष्ण और द्रौपदी दोनों मित्रतापूर्वक व्यवहार करते थे।

Krishna Draupadi Katha

Krishna Draupadi Katha : द्रौपदी ने बांधी थी भगवान श्री कृष्ण को पट्टी

महाभारत के मुताबिक भगवान श्री कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया था। तब भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली कट गई थी और उसमें से निरंतर खून बह रहा था। तब द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर भगवान श्री कृष्ण की अंगुली पर पट्टी बांधी थी। तभी श्री कृष्ण ने कहा था कि मैं इस बात को हमेशा याद रखूंगा और भविष्य में इस साड़ी के टुकड़े ही कीमत जरूर चुकाऊंगा।

Krishna Draupadi Katha : श्री कृष्ण ने बचाया द्रौपदी का चीर हरण

जब पांडव कौरवों से जुए में हार गए थे। तब उन्होंने अपनी पत्नी द्रौपदी को ही दांव पर लगा दिया था और उनकी पराजय हुई थी। तब भरी सभा में दुर्योधन ने दुशासन को द्रौपदी को लाने के लिए बोला। दुशासन जो द्रौपदी के केश पकड़ कर उनको सभा में घसीटता हुआ लेकर आया।

Krishna Draupadi Katha

जब दुर्योधन दुशासन से द्रौपदी का चीर हरण करने के लिए कहा तब दुशासन द्रौपदी की तरह बढ़कर चीर हरण करने लगा। तब द्रौपदी ने हाथ जोड़कर आंखें बंद कर कर भगवान श्री कृष्ण को याद किया था। भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी के द्वारा बांधी गई साड़ी का कर्ज चुकाते हुए उस समय द्रौपदी की लाज बचाई।

Author: Firenib


We’re committed to unbiased, in-depth journalism that uncovers truth and gives voice to the unheard. To sustain our mission, we need your help. Your contribution, no matter the size, fuels our research, reporting, and impact.
Stand with us in preserving independent journalism’s integrity and transparency. Support free press, diverse perspectives, and informed democracy.
Click [here] to join and be part of this vital endeavour.
Thank you for valuing independent journalism.


Chief Editor Firenib

9 Responses

  1. Very interesting details you have noted, thanks for posting. “I’ve made a couple of mistakes I’d like to do over.” by Jerry Coleman.

  2. Thank you for the sensible critique. Me and my neighbor were just preparing to do a little research on this. We got a grab a book from our area library but I think I learned more clear from this post. I’m very glad to see such magnificent information being shared freely out there.

  3. Its like you read my mind! You seem to know so much about this, like you wrote the book in it or something. I think that you can do with some pics to drive the message home a bit, but other than that, this is magnificent blog. A fantastic read. I’ll certainly be back.

  4. Hi my loved one! I want to say that this post is awesome, great written and come with approximately all vital infos. I’d like to look more posts like this .

  5. There are some fascinating closing dates on this article however I don’t know if I see all of them heart to heart. There’s some validity however I’ll take maintain opinion until I look into it further. Good article , thanks and we want extra! Added to FeedBurner as well

  6. I will immediately snatch your rss feed as I can not in finding your email subscription hyperlink or newsletter service. Do you’ve any? Please let me recognise in order that I may subscribe. Thanks.

  7. I’m impressed, I need to say. Actually rarely do I encounter a blog that’s each educative and entertaining, and let me inform you, you could have hit the nail on the head. Your concept is excellent; the difficulty is one thing that not enough individuals are speaking intelligently about. I’m very blissful that I stumbled across this in my seek for something referring to this.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2024 में भारत के प्रधान मंत्री कौन होंगे ?
  • नरेन्द्र दामोदर दास मोदी 47%, 98 votes
    98 votes 47%
    98 votes - 47% of all votes
  • राहुल गाँधी 27%, 56 votes
    56 votes 27%
    56 votes - 27% of all votes
  • नितीश कुमार 22%, 45 votes
    45 votes 22%
    45 votes - 22% of all votes
  • ममता बैनर्जी 4%, 9 votes
    9 votes 4%
    9 votes - 4% of all votes
Total Votes: 208
December 30, 2023 - January 31, 2024
Voting is closed