देश के किसान खेती के लिए बोझ के तले नहीं दबे इसके लिए सरकार के द्वारा कल्याणकारी योजनाएँ चलाई जा रही है। इन्ही में पीएम कुसुम योजना भी एक है। इस योजना के तहत सौलर पंप के जरिए किसानों को बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने की कोशिश की जा रही है। पीएम कुसुम योजना के जरिए किसान महज 10 फीसदी पैसा देकर महंगे सोलर उपकरण लगवा सकते हैं और मुफ्त की बिजली पा सकते हैं। यह योजना क्या है, इस योजना के क्या फायदे हैं, कैसे आवेदन करना होगा? आइए डिटेल्स से जान लेते है।
पीएम कुसुम योजना क्या है
साल 2019 में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना की शुरुआत हुई। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा से जुड़ने, उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और डीजल-पेट्रोल या बिजली पर निर्भरता को कम करना है। इस स्कीम के जरिए स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरण के भी यह सुरक्षित है।
पीएम कुसुम योजना के मुख्य उद्देश्य
किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंप मुहैया कराना ताकि उनकी कृषि उत्पादन लागत कम हो।
डीजल पंप की जगह सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप इस योजना के तहत दिए जाते हैं।
अगर किसान अतिरिक्त बिजली का उत्पादन करते हैं तो वह उसे बेचकर पैसा भी कमा सकते हैं।
स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर कार्बन उत्सर्जन कम करना।
पीएम कुसुम योजना की खासयित
किसान बंजर या खेती के लायक नहीं बची जमीन पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगा सकते है।
इस सौर ऊर्जा को ग्रिड में बेचकर पैसा कमाया जा सकता है।
वही किसान डीजल और बिजली से सौलर पावर को पम्पों में बदल सकते है।
अगर कोई किसान व्यक्तिगत स्तर पर सौर पंप लगवाते हैं तो सब्सिडी मिलेगी, उन्हें सिर्फ 10% खर्च करना होगा।







