कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में मंगलवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। हाटा थाना क्षेत्र के अर्जुन डुमरी गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने 30 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार महिला पर हमला कर उसकी जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और ग्रामीणों में गुस्सा व दहशत का माहौल है।
हाटा थाना प्रभारी रामसहाय चौहान के अनुसार, शाम करीब 7 बजे सूचना मिली कि पंचायत भवन के पास धान के खेत में एक महिला का शव पड़ा है, जिस पर कुत्ते हमला कर रहे हैं। पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर लाठियों से कुत्तों को भगाया और शव को कब्जे में लिया।
मृतका की पहचान मधुरी के रूप में हुई, जो मानसिक रूप से बीमार थी। आशंका है कि वह किसी कारणवश पंचायत भवन के पीछे गई थी, जहां उसकी मौत हो गई, जिसके बाद कुत्तों ने शव को नोचना शुरू कर दिया।
गांववालों ने बताया कि मधुरी अक्सर इधर-उधर घूमती रहती थी और सोमवार से लापता थी। मंगलवार को उसका शव धान के खेत में मिला, जिसके कई हिस्से कुत्ते खा चुके थे। यह दृश्य देख ग्रामीण स्तब्ध रह गए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से है। करीब एक साल पहले उन्होंने एक गाय और आठ महीने पहले एक बकरी को मार डाला था। शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
सीओ कसया कुंदन सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि महिला की मौत कुत्तों के हमले से हुई या पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
एसडीएम हाटा योगेश्वर सिंह ने कहा कि घटना की जानकारी प्रशासन को मिल चुकी है और ब्लॉक विकास अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी।
इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही कुत्तों के झुंड गलियों और खेतों में घूमते हैं, जिससे लोग, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, अकेले बाहर निकलने से डरते हैं।
कुशीनगर की यह घटना न सिर्फ एक महिला की दर्दनाक मौत का मामला है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। जब तक स्थायी समाधान के लिए योजनाबद्ध कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी।
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