भोपाल, “पांव-पांव वाले भैया” के नाम से पहचाने जाने वाले वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर अपने उसी पुराने अंदाज़ में मैदान में उतरने जा रहे हैं। इस बार उनका सफर केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ के रूप में एक बड़ा जन आंदोलन बनने जा रहा है, जिसकी शुरुआत 25 मई से उनके संसदीय क्षेत्र विदिशा से होगी। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन को गांव-गांव तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
पुरानी तस्वीरें, नए संदेश
शिवराज सिंह चौहान की इस पदयात्रा को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। उनकी पहले की पदयात्राओं की तस्वीरें—जिनमें वे कभी खेतों में किसानों के साथ नजर आते हैं, कभी बच्चों को दुलारते हैं और कभी ग्रामीण महिलाओं से आत्मीय संवाद करते हैं—फिर से चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर लोग इन्हीं तस्वीरों के साथ “शिवराज आ रहे हैं” के हैशटैग के साथ पोस्ट शेयर कर रहे हैं।
पदयात्रा के माध्यम से शिवराज सिंह चौहान न केवल केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे, बल्कि लाभार्थियों से सीधा संवाद कर योजनाओं की जमीनी सच्चाई जानने और समाधान सुनिश्चित करने का कार्य भी करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी अधिकतम लोगों तक पहुँचाना है। यात्रा के दौरान शिवराज सिंह चौहान सप्ताह में दो दिन, प्रतिदिन 20 से 25 किलोमीटर पदयात्रा करेंगे।

शिवराज सिंह का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तीव्र गति से बढ़ रहा है और अब आवश्यक है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इस लक्ष्य को लेकर वे पदयात्रा में गांवों का दौरा कर, विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद कर रहे हैं। वे लाभार्थियों से मिलेंगे, योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जानेंगे, और स्थानीय भागीदारी को सुनिश्चित करेंगे। पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, किसान संगठन, महिला मंडल, और ग्रामीण विकास व कृषि मंत्रालय के अधिकारी भी इस यात्रा का हिस्सा होंगे ताकि योजनाओं का प्रभाव अधिक व्यापक और प्रभावी हो सके।
पदयात्रा का पहला दिन लाडकुई गांव से आरंभ होगा, जहां शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद बाजार चौक में ग्राम सभा का आयोजन होगा, जिसमें स्वच्छता, जल संरक्षण और अन्य सामाजिक विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके पश्चात भादाकुई, छिदगांवमौजी, बीजला जोड, और चांदाग्रहण जैसे गांवों में जैविक खेती, दुग्ध डेयरी, सहकारिता, प्रधानमंत्री आवास योजना, लाडली बहना संवाद, हार्टिकल्चर, जलगंगा संरक्षण, और वैज्ञानिक चर्चा जैसे विषयों पर संवाद किया जाएगा। यात्रा के दौरान युवाओं के लिए जेताजी एकेडमी में युवा संवाद, कृषक मेला, स्ट्रीट वेंडर योजना और विश्वकर्मा योजना पर विशेष सत्र आयोजित होंगे।

यह पदयात्रा सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध हो सकती है। यह न केवल कृषि, ग्रामीण उद्योग, महिला उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देगी, बल्कि गांवों को गरीबीमुक्त और आत्मनिर्भर बनाने के अभियान को भी गति देगी। युवाओं के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान की इस यात्रा को देखकर एक बार फिर उनकी पुरानी पदयात्राओं की तस्वीरें और जनसंपर्क शैली लोगों के मन में ताज़ा हो गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनकी पुरानी छवियों के साथ नई पदयात्रा को जोड़ते हुए “शिवराज आ रहे हैं” के हैशटैग के साथ पोस्ट कर रहे हैं। साफ है कि एक बार फिर शिवराज सिंह चौहान का जन-संपर्क अभियान पूरे देश में चर्चा का विषय बनने जा रहा है।
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