मुख्यमंत्री योगी आदितयनाथ का कहना है कि उत्तर प्रदेश का किसान केवल योजनाओं का लाभ मात्र नहीं मिलेगा, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का सक्रिय भागीदार बनेगा। उनका कहना है कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में कृषि केवल जीविका नहीं, बल्कि समृद्धि और आत्मनिर्भरता का आधार बनेगा। इसके साथ ही कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में कृषि सेक्टर की अद्यतन स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के कुल क्षेत्र का 11.41% हिस्सा उत्तर प्रदेश में है, लेकिन खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 20.89% है, जो किसानों की मेहनत और सरकार की प्रभावी नीतियों का प्रमाण है।
खाद्यान्न उत्पादन में 167.66 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि
जहां खाद्यान्न उत्पादन 557.46 लाख मीट्रिक टन था, वह 2024-25 में बढ़कर 725.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गया है। इसी अवधि में दलहन और तिलहन उत्पादन में दोगुने से अधिक वृद्धि दर्ज की गयी है वही सीएम में उपलब्धि को नई ऊंचाइयों को ले जाया जा रहा है। वही बीज की गुणवत्ता और और उपयुक्तता पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जलवायु क्षेत्रों के अनुसार बीज विकसित किए जाए।
चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना जल्द
उन्होंने अगैती व पछेती बोआई के लिए अलग-अलग बीज तैयार कराने, प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने और किसानों को रियायती दर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वही सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम द्वारा किसानों से बीज खरीद की धनराशि बढ़ाने और संसाधित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर के जानकारी दी है वही लखनऊ में प्रस्तावित चौधरी चरण सिंह बीज पार्क की स्थापना को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बीज क्षेत्र में क्रांति का आधार बताया।
कृषि यंत्रों पर दी जा रही है सब्सिडी
उत्तरप्रदेश कृषि अनुसंधान जैसे संस्थानों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता मुख्यमंत्री योगी ने तकनीक आधारित कृषि नवाचारों को गति देने का आह्वान किया। वही कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों से आवेदन लेने से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। वही अधिकाधिक विकास खंडों के किसान लाभान्वित हो सके।







