हाल के दिनों में कई राज्यों में अपराधियों के संपत्ति पर बुलडोजर एक्शन के बाद सियासी बवाल मच गया है। विपक्ष ने इसकी आलोचना भी की है वही हरियाणा, राजस्थान और यूपी में कई जगह बुलडोजर चलने की खबरें भी सामने आ रही है लेकिन अब हरियाणा विधानसभा चुनाव में बुलडोजर पार्टियों की शान का प्रतीक बन गया है। हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर 5 अक्टुम्बर को वोटिंग हुई है वही 8 अक्टुम्बर को नतीजे सामने आने वाले है।
आपको बता दें कि विभिन्न पार्टियों की ओर से अब प्रचार के लिए सभाएं और रैलियां की जा रही है इन रैलियों में बुलडोजर चुनावी शान दिखाने के लिए लाए जा रहे हैं। जेसीबी मशीनों की हरियाणा में काफी अधिक डिमांड है। फिलहाल निर्माण कार्यों के बजाय बुलडोजर राजनेताओं के लिए प्रचार का जरिया बन चुके हैं। कई जगह तो बुलडोजर रैलियां निकाली जा रही हैं।
दक्षिण हरियाणा में बढ़ी मांग
आपको बता दे, दक्षिण हरियाणा में बुलडोजर की मांग तेजी के साथ में बढ़ रही है वही यहाँ पर फरीदाबाद, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़ और नूंह में निर्माण कार्यों में बुलडोजर की कमी आने लगी है। सूत्रों के मुताबिक बुलडोजर चुनावी ड्यूटी के लिए बुक किए गए है। वही निर्माण कार्यो के दौरान बुलडोजर के लिए 1000 से लेकर 1500 प्रति घंटे के हिसाब से लिए जा रहे है। वही चुनावी माहौल में डिमांड बढ़ने के बाद बुलडोजर मालिक नेताओं से 5000 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से ले रहे है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान सभी दलों के नेताओं में बुलडोजर की अधिक मांग है। बुलडोजर के जरिए फूल बरसाने का काम नेता और कार्यकर्ता लगातार कर रहे है वही जेसीबी मशीनों के कारण प्रचार की शैली बदल चुकी है। नेता बाजारों में बुलडोजर रैलियां तक निकाल रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भी कुछ नेता बुलडोजर पर दिखे थे। जिसके बाद लगभग सभी जेसीबी मशीनों की बुकिंग वोटिंग तक हो चुकी है। कुछ बुलडोजर मालिक ड्राइवर ही नहीं, ऐसे लोग भी बुकिंग के साथ मुहैया करवाते हैं, जो नेताओं और कार्यकर्ताओं पर फूल बरसा सकें।







