गौतम सिंघानिया को शादी के 24 साल बाद पत्नी से अलग होगा पड़ सकता है भारी, नवाज ने मांगी 75 प्रतिशत दौलत

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Raymond के एमडी और अरबपति उद्योगपति गौतम सिंघानिया (Gautam Singhania) ने अपनी पत्नी नवाज मोदी (Nawaz Modi) से अलग होने की घोषणा दिवाली पर की थी. दोनों शादी के करीब 24 साल के बाद एक दूसरे अलग हुए हैं. मगर, अब मामले में गौतम सिंघानिया की परेशानी बढ़ती हुई दिख रही है. ईटी की रिपोर्ट्स के अनुसार, नवाज मोदी ने गौतम सिंघानिया से उनकी कुल नेटवर्थ का 75% मांग लिया है. ये रकम उन्होंने अपनी दो बेटियों के निहारिका एवं नीसा के लिए मांगी है. बता दें कि 59 वर्षीय गौतम सिंघानिया ने करीब आठ साल के लंबे लव अफेयर के बाद, 1999 में सॉलिसिटर नादर मोदी की बेटी नवाज मोदी से शादी की थी. उनके दो बच्चे भी है. वस्त्र एवं परिधान समूह रेमंड लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सिंघानिया की कुल संपत्ति लगभग 11,000 करोड़ रुपये की बताई जाती है. उन्होंने कहा कि एक युगल के रूप में 32 साल साथ रहने, माता-पिता के रूप में आगे बढ़ने और हमेशा एक-दूसरे की ताकत बने रहने के दौरान… हमने प्रतिबद्धता, संकल्प और विश्वास के साथ आगे कदम उठाया और साथ ही हमारे जीवन में दो सबसे खूबसूरत चीजें (बच्चे) भी आईं.

क्या होगा गौतम सिंघानिया का स्टैंड

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम सिंघानिया अस्थायी रूप से पत्नी की मांग पर सहमत हैं. उन्होंने एक पारिवारिक ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसी ट्रस्ट के पास सारी संपत्ति और एसेट का मालिकाना हक होगा. इसमें वो एकमात्र प्रबंध ट्रस्टी होंगे. उनकी मौत के बाद परिवार के सदस्यों को इस संपत्ति का वसीयतनामा बनाने का हक होगा. हालांकि, उनकी बात को नवाज की तरफ से अस्वीकार्य कर दिया गया है. गौतम सिंघानिया की कुल संपत्ति ₹11,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है. रेमंड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सिंघानिया ने पिछले सोमवार को घोषणा की कि वह 32 साल के रिश्ते के भविष्य पर अटकलों के बीच नवाज से अलग हो गए हैं. बता दें कि रेमंड ग्रुप में पहले से कई ट्रस्ट बने हुए हैं. जे.के. ट्रस्ट्स और श्रीमती सुनीतिदेवी सिंघानिया हॉस्पिटल ट्रस्ट भी रेमेंड का ही हिस्सा है. इसमें रेमेंड लिमिडेट की 1.04 प्रतिशत हिस्सेदारी है. गौतम सिंघानिया इसमें चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी, जबकि, नवाज मोदी इसमें एक ट्रस्टी हैं.

कैसे होगी दोनों के बीच तलाक

ईटी की रिपोर्ट बताती है कि खेतान एंड कंपनी के सीनियर पार्टनर हैग्रेव खेतान को सिंघानिया के लिए कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि माना जाता है कि मुंबई स्थित लॉ फर्म रश्मी कांत को नवाज मोदी ने अपनी तरफ से शामिल किया है. शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के अक्षय चुडासमा कथित तौर पर संभावित सुलह या पारस्परिक रूप से सहमत अवधि के लिए मध्यस्थता करने का प्रयास कर रहे हैं. ट्रस्ट बनाने से जुड़े कानून के मुताबिक, इसके लिए तीन मुख्य पार्टियां होती है. इसमें ट्रस्ट सेटलर, एडमिनिस्ट्रेशन हेड और लाभार्थी शामिल है. उससे जरूरी बात ये है कि इन तीनों पदों पर एक ही व्यक्ति नहीं हो सकता है.

क्या है दोनों के अलग होने की कहानी

गौतम सिंघानिया और नवाज मोदी शादी से आठ साल पहले तक लव रिलेशनशीप में रहे थे. इसके बाद उन्होंने 1999 में शादी की. मगर, दोनों के अलग होने की सूचना के बाद, एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि नवाज को पिछले हफ्ते ठाणे में गौतम सिंघानिया द्वारा दीपावली से पहले की पार्टी के निमंत्रण के बावजूद प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी. गौतम सिंघानिया ने लिखा कि जैसा कि मैं हाल के दिनों में हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम पर विचार कर रहा हूं, हमारे जीवन के इर्द-गिर्द बहुत सी बेबुनियाद अफवाह फैलाई गई हैं. उन्होंने कहा कि मैं उनसे अलग हो रहा हूं, लेकिन हम अपने दो अनमोल हीरों- निहारिका और निसा के लिए बेहतर से बेहतर कार्य करते रहेंगे. कृपया इस व्यक्तिगत निर्णय का सम्मान करें और हमें रिश्ते के सभी पहलुओं को सुलझाने दें. इस समय पूरे परिवार के लिए आपकी शुभकामनाएं चाहता हूं. जाने-माने वकील की बेटी नवाज ने खुद भी कानून की पढ़ाई की है. उन्होंने एक जिम भी खोला. ऐसा कहा जाता है कि 1999 में शादी से पहले वह सिंघानिया के साथ आठ साल तक प्रेम संबंध में रहीं. वो तेज रफ्तार वाली कारों के शौकीन हैं.

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Author: Firenib

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