शरीर में बनने वाले टॉक्सिन पदार्थ को यूरिक एसिड के नाम से जाना जाता है ये हर किसी व्यक्ति के शरीर में बनता है इसे शरीर से बाहर निकालने का काम किडनी करती है। हालाँकि कई बार किडनी इस काम को करने में समर्थ नहीं होती है क्योकि प्यूरिन की मात्रा बढ़ने के साथ ही किडनी का काम स्लो हो जाता है। यूरिक एसिड बढ़ने से सबसे ज्यादा अर्थराइटिस की बीमारी का रिस्क बढ़ता है। अर्थराइटिस हड्डियों और जोड़ों में होने वाली एक समस्या है, जिसमें जोड़ों के बीच चिकनाहट कम हो जाती है यूरिक एसिड बढ़ने से भी अर्थराइटिस की समस्या अधिक होती है यह बीमारी अक्सर बढ़ती हुई उम्र के लोगो में पाई जाती है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे है जो आपकी काफी हद तक मदद करते है।
यूरिक एसिड कैसे बढ़ता है?
इस एसिड के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हाई प्यूरिन फूड्स का ज्यादा सेवन शामिल है। इन फूड्स में रेड मीट, शराब-बीयर, फ्राइड फूड्स, प्रोसेस्ड फूड्स और अधिक चीनी वाली खाने-पीने की चीजें शामिल हैं। इसके अलावा, यूरिक एसिड की समस्या अनुवांशिकी भी है और कुछ प्रकार की दवाओं के सेवन से भी यह बढ़ सकता है।
यूरिक एसिड और अर्थराइटिस का संबंध
यूरिक एसिड से अर्थराइटिस से भी हो सकता है क्योकि इस पदार्थ के बढ़ने से जोड़ों में क्रिस्टल्स बनते हैं, जो दर्द का कारण होते हैं। हाई यूरिक से जोड़ों में जलन भी महसूस होती है।
यूरिक एसिड को कम करने के लिए इन चीजों का सेवन
यूरिक एसिड की समस्या को कम करने के लिए अपनी डाइट में फलों और सब्जियों को शामिल करें। जैसे- संतरा, शिमला मिर्च, जामुन और टमाटर।
आप ब्राउन राइस, ओट्स और जौ का सेवन कर सकते हैं।
लो फैट दूध-दही का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
ग्रीन टी और कॉफी भी प्यूरीन एंजाइम्स को तोड़ने में मदद करते हैं।
मूंग और उड़द की दालें भी यूरिक एसिड की समस्या को कम कर सकती हैं।







