Bluetongue Virus : नीली जीभ, तेज बुखार और मच्छरों के काटने गाय-बकर‍ियों में तेजी से फैल रहा है यह वायरस

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हाल ही में ब्लूटंग वायरस किसानों के लिए काफी बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है यह वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है। यह वायरस मुख्य रूप से भेड़ और गाय जैसे पशुओं को अधिक प्रभावित करता है। ब्लूटंग वायरस से संक्रमित पशुओं में बुखार, पैरों में सूजन और जीभ नीली पड़ने जैसे लक्षण नजर आने लगते है जिससे पशुओं की हालत बेहद गंभीर हो जाती है। इस वायरस की वजह से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

क्या है Bluetongue Virus?
ब्लूटंग वायरस मच्छरों के जरिए फैलने वाला एक वायरस है। यह पशुओं के खून में जाकर उन्हें बीमार कर देता है। इस वायरस का मुख्य लक्षण है। इससे पशुओं की जीभ नीली पड़ जाती है इसलिए इसे “ब्लूटंग” भी कहा जाता है। इसके साथ ही पशुओं में बुखार, पैरों में सूजन और कमजोरी के जैसे लक्षण भी देखने को मिलते है।

किसानों की बढ़ती जा रही चिंता ?
जब कोई पशु ब्लूटंग वायरस से संक्रमित हो जाता है, तो उसकी हालत बहुत खराब हो जाती है। कई बार पशु की मौत भी हो जाती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। कुछ किसान अपने पशुओं के इलाज पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन इलाज भी हमेशा सफल नहीं होता। इस स्थिति में, कई किसानों को अपने पशुओं की चिंता के साथ-साथ अपनी रोजी-रोटी की भी चिंता होती है।

ब्लूटंग वायरस का जन्म अफ्रीका में हुआ था। यह वायरस सबसे पहले वहां के पशुओं में पाया गया था इसके बाद में यह धीरे धीरे करके पुरे देशभर में फैलने लगा। यह मच्छरों के जरिए फैलता है, जो संक्रमित पशुओं से वायरस लेकर अन्य पशुओं को संक्रमित कर देते हैं। यह वायरस गर्म और नमी वाले क्षेत्रों में यह वायरस तेजी से फैलता है, इसलिए सबसे पहले अफ्रीका के Tropical इलाकों में देखा गया था। आज यह वायरस कई देशों में पाया गया है, खासकर उन जगहों पर जहां मच्छरों की संख्या ज्यादा होती है।

अब तक इतने केस आ चुके सामने
ब्लूटंग वायरस के मामले अलग-अलग देशों में काफी केस सामने आ चुके है यह वायरस 2023 तक यूरोप और एशिया के कई देशों में इसके मामले दर्ज किए गए हैं, विशेष रूप से स्पेन, इटली, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम में। यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ECDC) के अनुसार, 2023 के मध्य तक यूरोप में करीब 300 से 500 से अधिक केस सामने आ चुके है।

इलाज और बचाव
फिलहाल, ब्लूटंग वायरस का कोई प्रॉपर इलाज नहीं है, लेकिन इससे बचने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। मच्छरों से बचाव करना सबसे जरूरी है, क्योंकि यह वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है। किसानों को अपने पशुओं को साफ और सुरक्षित स्थान वाले इलाके वाले स्थान पर आता है। इसके अलावा, ब्लूटंग के लिए टीके भी उपलब्ध हैं, लेकिन ये टीके सिर्फ पशुओं का बुखार कंट्रोल कर सकते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह
सरकार और हेल्थ एक्सपर्ट्स किसानों को सलाह दे जाती है। कि वे अपने पशुओं पर ध्यान दें और किसी भी लक्षण को गलती नजरअंदाज न करे। यह समय पर पशु हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह लेना और टीकाकरण कराना जरूरी है।

Durg Rathor
Author: Durg Rathor

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