Dharma: जानिए हनुमान जी के 5 भाइयों के बारे में!! इतना बड़ा था उनका परिवार, कहां मिलेगी उनके परिवार की जानकारी

Dharma

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Dharma: यह तो हम सभी जानते हैं कि पवन पुत्र हनुमान को आजीवन अमर होने का उन्हें वरदान मिला था। पौराणिक कथाओं से यह पता चलता है कि वह आजीवन ब्रह्मचारी रहे हैं। हम सभी यह तो जानते हैं कि पवन पुत्र हनुमान शक्तिशाली है लेकिन आज तक हमें उनके परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। कई लोग तो यह भी नहीं जानते कि पवन पुत्र हनुमान के कितने भाई है और उन भाइयों के क्या क्या नाम है।

आज हम आपको हनुमान जी के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। बाल्मीकि द्वारा लिखी गई रामायण में हनुमान जी के जन्म और उनके माता-पिता के बारे में लिखा गया है। हनुमान जी के भाइयों के बारे में ब्रह्मांड पुराण में पूरी तरह से बताया गया है।

Dharma

आइए हम आपको पूरी बात बताते हैं हनुमान जी के पिता का नाम केसरी था जो कि सुमेरु पर्वत पर रहा करते थे। हनुमान जी की माता का नाम अंजना था और पवन देव की कृपा से अंजना के गर्भ से हनुमान जी ने जन्म लिया।वाल्मीकि द्वारा लिखी गई रामायण में आपने देखा होगा की वानरराज सुग्रीव और हनुमान जी की गहरी मित्रता थी।

माता सीता की रावण द्वारा अपहरण करने के बाद यह सभी वानर सेना लेकर लंका में रावण के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए जा रहे थे।

Dharma

उसी दौरान हनुमान जी के पिता केसरी ने कहा था कि उनके सभी पुत्र भगवान श्री राम की सेवा में उपस्थित रहेंगे और तो और हनुमान जी के पिता केसरी भी इस युद्ध में शामिल थे। इसलिए इस उल्लेख से यह पता चलता है कि हनुमान जी के और भी कई भाई थे, जिन्होंने रावण के खिलाफ लंका में युद्ध किया था।

Dharma: हनुमान जी के भाई और उनके नाम

ऐसा बताया जाता है कि ब्रह्मांड पुराण के हिसाब से हनुमान जी के करीब पांच भाई थे। इन पांच भाइयों का नाम है मतिमान,श्रुतिमान,केतुमान, गतिमान,धुतिमान। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हनुमान जी ने भले ही विवाह नहीं किया था लेकिन उनके पांचो भाइयों ने विवाह कर लिया था और इन सभी के पुत्र भी हैं।

इन पांचों भाइयों में हनुमानजी सबसे बड़े हैं। आप में से कई लोगों को यह नहीं पता होगा कि हनुमानजी को रूद्र अवतार भी कहा जाता है। रामायण द्वारा यह बात तो सभी को पता है कि हनुमान जी शंकर भगवान का एक रूप है।

Dharma

लंकापति रावण को सबक सिखाने के लिए भगवान ब्रह्मा ने सभी देवताओं से कहा था कि वह पृथ्वी पर ऐसी संताने प्रकट करें जो कि भगवान श्री राम के सेवक बनकर रावण से युद्ध कर सकें। देवराज इंद्र के अंश से बाली, सूर्य देव के अंश से सुग्रीव, पवन देव के अंश से हनुमान जी ने जन्म लिया था। इन सभी बातों का उल्लेख ब्रह्मांड पुराण में किया गया है। हनुमान जी के पिता केसरी ने कुंजर की पुत्री अंजना से विवाह कर हनुमान जी को जन्म दिया था।

Firenib
Author: Firenib

EMPOWER INDEPENDENT JOURNALISM – JOIN US TODAY!

DEAR READER,
We’re committed to unbiased, in-depth journalism that uncovers truth and gives voice to the unheard. To sustain our mission, we need your help. Your contribution, no matter the size, fuels our research, reporting, and impact.
Stand with us in preserving independent journalism’s integrity and transparency. Support free press, diverse perspectives, and informed democracy.
Click [here] to join and be part of this vital endeavour.
Thank you for valuing independent journalism.

WARMLY

Chief Editor Firenib

37 Responses

  1. Pingback: upx1688
  2. Pingback: yehyeh.com
  3. Pingback: โคเวย์
  4. Pingback: slot88
  5. Pingback: Winchester guns
  6. Pingback: free cams
  7. Explore the ranked best online casinos of 2025. Compare bonuses, game selections, and trustworthiness of top platforms for secure and rewarding gameplaycasino.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *