Motivation: आज हम आपको एक मोटिवेशनल स्टोरी बताने जा रहे हैं. यह उस लड़के की कहानी है जिसने गरीबी के अभाव में भी सरकारी ऑफिसर के एग्जाम पास कर ड्यूटी ज्वाइन की. कुछ लोग मानते हैं कि तैयारी करने के लिए सभी सुख सुविधाएं होनी चाहिए. कुछ लोग सुविधाओं के अभाव में पढ़ना छोड़ देते हैं, कॉम्पीटिशन से मुंह मोड़ लेते हैं. इस लड़के की कहानी उन लोगों के मुँह पर तमाचा है.
यह कहानी बिहार के सारण जिले के एक लड़के ने BPSC की एग्जाम पास कर उनके सामने एक मिसाल बनाई है, जो सुख सुविधाओं के अभाव में पढ़ना छोड़ देते हैं. आपको बता दें कि सारण जिले के पप्पू कुमार यादव के पिताजी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने का काम करते हैं.इनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन फिर भी इन्होंने अपना सपना पूरा करने के लिए दिन-रात पढ़ाई करके, मेहनत की. पप्पू की पढ़ाई के लिए इनके पिता मनोज राय ने अपना सब कुछ गिरवी रख दिया था. आइए जानते हैं इनकी कहानी..

इस पद पर करेंगे नौकरी :- बिहार के सारण जिले के निवासी पप्पू कुमार यादव ने बीपीएससी की परीक्षा पास की है. इस बात की जानकारी जैसे ही घर वालों तक पहुंची घरवाले खुशी से जश्न मनाने लगे. पूरे इलाके में खुशी का माहौल छा गया. इन्होंने इंटर तक पढ़ाई अपने निवास स्थान से की है. इसके बाद वाराणसी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन पीएचडी की पढ़ाई की है. BPSC की परीक्षा पास करने के बाद इन्हे रूरल डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर नियुक्ति मिली है.
खुद से की मेहनत :- पप्पू यादव के घर की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण वह कोचिंग भी नहीं जा पाते थे. शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्हें ग्रेजुएशन के लिए वाराणसी जाना पड़ा. इसके लिए उनके पिता ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया. कुछ भी करके उन्होंने पप्पू यादव की पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाया. उन्होंने अपनी गरीबी को समझते हुए मन ही मन में ठान लिया कि मैं जमकर मेहनत करूंगा और एक दिन पूरे परिवार का नाम रोशन करुंगा. अपने सपने को साकार करने के लिए वह जी तोड़ मेहनत करने लगे. अपनी इस कामयाबी का श्रेय उन्होंने अपने माता पिता और परिवार को दिया है.
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ऐसे हुआ नाम रोशन :- पप्पू कुमार यादव के पिताजी रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान लगाते हैं. एग्जाम पास करने की खुशी से वह गदगद हो उठे. उनके इलाके के जनप्रतिनिधि और परिजन दुकान पर आकर उन्हें बधाई दे रहे हैं. मीडिया से बात करते हुए मनोज राय ने बताया कि मैं रोजाना की तरह अपनी दुकान पर बैठा था. रात हो जाने पर पता चला कि मेरे बेटे का BPSC में चयन हो गया है. मैं लगभग 25 साल से इस दुकान पर चाय बेच रहा हूं और काफी लोग इस वजह से मुझे जानते हैं. जब उनको मेरे बेटे की सफलता के बारे में पता चला तो सभी मेरी दुकान पर आकर मुझे बधाई देने लगे.








21 Responses
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