Paralympic 2024 : जानिए पैरालंपिक में एथलीट के आगे कोड का क्या होता है मतलब, इससे कैसे होती है खिलाड़ियों की पहचान

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पेरिस ओलंपिक के बाद पैरालंपिक की शुरुआत 28 अगस्त से होने जा रही है जो 8 सितम्बर तक चलने वाली है जिसमें दिव्यांग खिलाड़ी हिस्सा लेते है। इस बार भारत की तरफ से 84 एथलीट्स का बड़ा दल पैरालंपिक गेम्स के लिए भेजा जा रही है। ये एथलीट 12 स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। इन एथलीट्स के खेल की पहचान एक कोड के जरिए होगी। वही पैरालंपिक गेम्स में खिलाड़ियों के नाम के आगे एक कोड लिखा होता है। जिससे उनके खेल के बारे सम्पूर्ण जानकारी मिलती है ऐसे में आइए जान लेते है पैरालंपिक से जुड़ी दिलचस्प जानकारी के बारे में जान लेते है।

शारीरिक दुर्बलता वाले एथलीट्स को मिलता है मौका
पैरालंपिक में दिव्यांग खिलाड़ी हिस्सा लेते है यानि की शारीरिक दुर्बलताओं वाले खिलाड़ियों को इसमें खेलने की अनुमति होती है। नियमों के मुताबिक 10 तरह की दुर्बलताएं इसके तहत शामिल की जाती है जैसे पैरों की लंबाई, मांसपेशियों की दुर्बलता, जकड़न, देखने में दिक्कत वाले एथलीट्स को पैरालंपिक में हिस्सा लेने का मौका मिलता है। गौरतलब है कि पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में अब तक की सबसे ज्यादा महिला एथलीट हिस्सा लेगी। , पेरिस 2024 में रिकॉर्ड 168 प्रतिनिधिमंडलों के लगभग 4,400 एथलीट हिस्सा लेने जा रहे है। इन 4,400 एथलीट्स में रिकॉर्ड 1,983 महिलाएं शामिल रहेंगी। पैरालंपिक में 22 खेलों में 549 मेडल के लिए प्रतिस्पर्धा की जाएगी।

अलग अलग कैटेगरी का कोड
आपको बता दे, हर एक खिलाड़ी के आगे एक कोड लिखा होता है इसका मतलब क्या होता है ? दरअसल, पैरालंपिक में हर कैटेगरी का एक नंबर और कोड लिखा होता है। जैसे खड़े होकर खेले जाने वाले गेम्स की कैटेगरी S से शुरू होती है। इन नंबर्स से खिलाड़ी की शारीरिक दुर्बलता का भी पता चलता है। मसलन, किसी खिलाड़ी की कैटेगरी के आगे SL लिखा है तो इसका मतलब है कि उसके निचले हिस्से यानी लोअर लिंब में दिक्क्त है। वहीं जैवलिन थ्रो जैसे गेम्स में नॉर्मल तरीके से खड़े होकर और व्हील चेयर पर बैठकर थ्रो किया जाता है। ऐसे में इनकी कैटेगरी अलग-अलग होती है। इसके साथ ही कुछ गेम्स ऐसे भी हैं, जिनमें 10 तरह की शारीरिक दुर्बलता वाले दिव्यांग हिस्सा ले सकते हैं।

टोक्यो में जीते थे 19 पदक
आपको बता दे, टोक्यो ओलंपिक में भारत ने 19 पदक जीते थे इसमें इसमें 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज शामिल है। इस बार भारत की तरफ से सबसे बड़ा दल भेजा जा रहा है। 28 अगस्त को उद्घाटन समारोह के बाद 29 अगस्त को ताइक्वांडो, साइकिलिंग, बैडमिंटन और तीरंदाजी में भारतीय महिलाएँ समेत पुरुष भी प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे है।

Durg Rathor
Author: Durg Rathor

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