सोमवार का दिन भगवान शिव को प्रिय है। इस दिन भगवान शिव के साथ साथ माता पार्वती की पूजा करने का विधान है इसके अलावा कहा जाता है कि चातुर्मास के दौरान सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। अतः सावन से लेकर कार्तिक महीने तक भगवान शिव की पूजा करने का खास विधान है। भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है। इसके साथ ही सोमवार के दिन कुछ खास उपाय भी किए जा कस्ते है। इन उपायों को करने से व्यक्ति के सभी संकटो से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही जीवन में खुशियों का भी आगमन होता है तो आइये जान लेते है इन उपायों के बारे में जान लेते है।
सोमवार के उपाय
यदि आपके परिवार में कलह की स्थिति बनी रहती है, तो सोमवार के दिन स्नान-ध्यान करने के बाद विधिवत भगवान शिव की पूजा-उपासना की जा सकती है इसके साथ ही शीशम के पेड़ को हाथ जोड़कर के कुछ समय के लिए परिणाम करे। इस समय परिवार के कुशल मंगल होने की कामना करे। ऐसा करने से आपके परिवार में कलह की स्थिति दूर होती है।।
अगर आपकी स्मरण शक्ति कमजोर हो गई है, तो स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए सोमवार के दिन भगवान शिव संग मां सरस्वती की पूजा-उपासना करें। इस समय मां सरस्वती को दूध और चावल से बनी खीर अर्पित करें। आप केसर युक्त खीर भी मां सरस्वती को अर्पित कर सकते हैं। इसी समय शुद्ध घी के दीपक जलाकर ‘ऊँ ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नम:’ मंत्र का जाप करें। इस मंत्र के जाप से स्मरण शक्ति तेज होती है।
यदि कोई भी व्यक्ति सोमवार के दिन स्नान-ध्यान कर श्वेत वस्त्र धारण करता है दूध के साथ में भगवान शिव का अभिषेक करता है तो उसे राहु-केतु समेत अशुभ ग्रहों के प्रभाव को कम करने के लिए जल में काले तिल भी मिला लें। इसके पश्चात, भगवान को श्वेत वस्त्र अर्पित करें। भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु उन्हें भांग, धतूरा, मदार के फूल आदि अर्पित करें। इस उपाय को करने से विवाह में आ रही बाधा दूर होती है।
अगर आपका वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं है, तो सोमवार के दिन पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें। इसके पश्चात, पंचाक्षरी मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ के साथ ‘ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:’ मंत्र का जाप करें। इस उपाय को करने से पति और पत्नी के मध्य रिश्ते मधुर और मजबूत होते हैं।
वही यदि आप सोमवार के दिन स्नान ध्यान के बाद में कच्चे दूध के साथ में भगवान शिव का अभिषेक करते है और इसके साथ ही सफेद चीजों का दान करते है तो इससे मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। ऐसा करने से कुंडली में चन्द्रमा मजबूत होता है।







