उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से युवाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत बिना ब्याज लोन दिया जा सकता है। वही अब सरकार ने इस योजना की शर्तो में एक बड़ा बदलाव किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। वही पीएम सीएम उद्यमी योजना के तहत आप जिस काम को शुरू करना चाहते थे, वह इससे संबंधित ट्रेनिंग लेनी होती थी।
अब नियम में थोड़ी ढील दी गई है। इसके मुताबिक अगर किसी आवेदक के पास टेक्निकल या प्रोफेशनल कोर्स में डिप्लोमा या डिग्री है तो उन्हें अलग से ट्रेनिंग लेने की जरूरत नहीं होगी। यहां तक कि अगर उनके पास संबंधित कोर्स का सर्टिफिकेट भी है तो भी लोन मिल जाएगा। उन्हें कौशल विकास योजना के तहत अलग से ट्रेनिंग नहीं लेनी होगी। इन्हीं डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो जाएगी और सीधे बैंकों को भेज दी जाएगी।
आवेदन के लिए बेहद जरुरी है शर्त
सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत लोन के लिए आवेदन करते समय शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र के साथ कौशल प्रमाण पत्र भी लगाना होता है बिजनेस से संबंधित ट्रेनिंग सर्टिफिकेट भी लिया जाता है। वही आपकी टेक्निकल या प्रोफेशनल शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भी आपका आवेदन बैंकों के पास भेज दिया जाएगा। आप आसानी से 5 लाख तक का प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं और सरकार से आपको 90 फीसदी तक बिना गारंटी और बिना ब्याज के लोन मिल जाएगा।
लोन के लिए लगी लम्बी लोन
यूपी में स्वरोजगार वाली यह योजना काफी हीट साबित हो रही है वही यूपी सरकार ने इस साल के लिए 1.5 लाख लोन देने का लक्ष्य रखा है। जबकि पहले 30 दिन में ही करीब 50 हजार लोगों ने आवेदन कर दिया है। वही पिछले साल इस स्कीम के लिए एक लाख लक्ष्य रखा गया था। वही इसके लिए अब तक 1.74 लाख से ज्यादा आए थे। यूपी के जौनपुर, आगरा और हापुड़ जिले खासतौर से इस योजना के लिए आवेदन में काफी आगे निकल रहे हैं।







