गर्मी का मौसम आते ही किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लगती है। वही कड़कड़ाती धूप और तापमान में बढ़ोतरी के कारण गर्मी में पानी की वजह से फसलें प्रभावित होने लगती है। ऐसे में किसानों के लिए खेतों की सही देखभाल और समय पर सिंचाई करना काफी ज्यादा जरुरी हो जाता है। क्योकि गर्मी के दिनों में कम सिंचाई और नियमित सिंचाई न करने से फसलों को भारी नुकसान हो जाता है और कई बार तो फसलें सुख जाती है किसानों को इन्हीं परेशानियों को देखते हुए बिहार के कृषि विभाग ने किसानों को गर्मी के मौसम में खेतों की देखभाल को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए जा रहा है जिनका पालन करके किसान अपनी फसलों को नुकसान होने लगता है।
सिंचाई के लिए ये 5 बातें जरूरी
गर्मी में पानी की अधिक आवश्यकता
गर्मी में फसलों को पानी की सबसे अधिक जरूरत होती है। यदि समय पर अच्छे से सिंचाई न की जाए तो फसलें सूख सकती हैं या उनकी क्वालिटी खराब हो सकती है। ऐसे में फसलों की सिंचाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
नियमित अंतराल पर करें सिंचाई
गर्मी के दिनों में किसानों को अपनी फसलों की नियमित अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए। ऐसे में किसान ये ध्यान रखें कि बहुत अधिक समय तक खेत सूखा न हो। फसल की जरूरत के हिसाब से हर 2 से 5 दिन पर सिंचाई करें।
ड्रिप इरिगेशन या स्प्रिंकलर तकनीक का उपयोग
किसान गर्मी के दिनों में ड्रिप इरिगेशन या स्प्रिंकलर प्रणाली को अपना सकते हैं। इस आधुनिक सिंचाई तकनीक से पानी की बचत होती है और फसलों को जड़ों तक सही मात्रा में पानी मिलता है। इसके अलावा इसके फायदे की बात करें तो मिट्टी का कटाव कम होता है। इसके साथ ही कीट और रोग नियंत्रण में मदद मिलती है।
सुबह या शाम के समय करें सिंचाई
गर्मी के दिनों में सुबह या शाम के समय ही सिंचाई करनी चाहिए। ये समय गर्मी में सिंचाई के लिए बेस्ट होता है। वहीं, दोपहर में तापमान बहुत अधिक होने के कारण पानी जल्दी वाष्पित होकर सूख जाता है, जिससे फसलों को पूरा फायदा नहीं मिल पाता है। इसलिए सुबह 6 से 9 बजे और शाम 5 से 7 बजे के बीच सिंचाई करें।
पानी का हो कम वाष्पीकरण
गर्मी के दिनों में सिंचाई पर इसलिए भी ध्यान रखना चाहिए क्योंकि गर्मी में खेत का पानी जल्दी वाष्पित यानी सूख जाता है। इसलिए उचित मात्रा और सही समय पर सिंचाई करनी चाहिए, ताकि पानी का वाष्पीकरण कम हो।
खेतों को गिला रखने के अन्य उपाय
गर्मी के मौसम में मिट्टी की नमी को बनाए रखने के लिए खेतों में मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ये गर्मी में फसलों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है इसके लिए खेतों में गीली घास, भूसी, पत्तियां आदि को बिछा दें, जिससे मिट्टी जल्दी सुख नहीं पाए और नमी लम्बे समय तक बनी रहे इसके साथ ही अलावा नर्सरी या सब्जियों की फसल के ऊपर शेड नेट लगाकर तापमान को कम किया जा सकता है। वही साथ ही खेत की मेड़ पर पेड़ लगाएं जिससे प्राकृतिक रूप से फसलों पर छाया और ठंडक बनी रहे।







