प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया लाल मित्तल को लेकर के काफी अटकलें चल रही है कि वह कांग्रेस में शामिल होंगे या नहीं। इसे लेकर के खुद कन्हैया मित्तल ने भी कह दिया कि मेरा मन कांग्रेस से जुड़ा हुआ है लेकिन मंगलवार को उनके सूर तब बदल गए जब उन्होंने भाजपा नेता मनोज तिवारी से बातचीत की। मित्तल ने अपने फैंस और भाजपा कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा कि मैं गलत था, कृपया मुझे माफ़ कर दीजिए, मैं सनातन के लिए काम करना चाहता हूँ। इस तरह से से अभी भी कांग्रेस के साथ में मेरा दिल जुड़ा हुआ है जैसी बात कहने वाले कन्हैया लाल मित्तल का मिजाज केवल 2 दिन में बदल गया।
पहले कन्हैया लाल ने कहीं यह बात
बता दें कि बीते रविवार को कन्हैया मित्तल राजस्थान के दौसा में थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि मैं दिल से कांग्रेस में शामिल होना चाहता हूं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा। मैं जहां भी परफॉर्म करने जाता हूं वहां एक परसेप्शन बन जाता है कि मैं भाजपा के लिए कैंपेन करने गया हूं, इसलिए कांग्रेस के लोग अपने घर पर ही रहते हैं, मैं यह परसेप्शन बदलना चाहता हूं। मित्तल ने कहा था कि मैं पांच साल से कह रहा हूं कि डॉ. मनमोहन सिंह ने अगर राम मंदिर बनवाया होता तो मैं उनके लिए भी गाता। मैं सनातन के खिलाफ कुछ नहीं करूंगा। प्रधानमंत्री ने जो काम किया है वह कोई और नहीं कर सकता था। लेकिन मेरा निजी विचार यह है कि मैं कांग्रेस से जुड़ना चाहता हूं।
इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान जो राम को लाए है, हम उनको लाएंगे भजन गाकर खूब प्रसिद्धि बटौरी है। कांग्रेस में शामिल होने का संकेत देने के बाद मित्तल ने यह कहा था कि मैंने यह गीत किसी पार्टी के लिए नहीं गया था। मेरा यह भजन सनातन और और सनातनियों के लिए था। उन्होंने कहा, उनकी इन बातों को सामने आने के बाद में उनकी आलोचना का दौर शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने उनकी कांग्रेस के साथ जुड़ने की इच्छा प्रबल इच्छा ने आगामी हरियाणा चुनाव में टिकट मिलने की लालसा कह दिया था। लेकिन मंगलवार को मनोज तिवारी के साथ मुलाक़ात के बाद उन्होंने अपने प्रशंसकों से माफी मांगी और अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया।







