घी का सेवन करने से शरीर को कई लाभ होते है। घी हमारी सेहत ओर स्कीन दोनों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इनमें सैचुरेटेड फैट्स होते हैं जो शरीर को न्यूट्रिशन देते है। देसी घी में मिलावट आना आम बात होती है। देश में त्यौहारों का सिकजन है ऐसे में नकली घी की बिक्री तेजी से बढ़ गयी है। नकली घी सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक होता है। इसलिए घी को हमेशा घर पर ही बनाकर खाने की सलाह दी जाती है। अगर आप भी पैकेट वाले घी का सेवन करते है तो इससे पहले इसकी शुद्धता की पहचान कर ले।
5 तरीके जो बताएंगे घी शुद्ध है या नहीं
पैन टेस्ट
एक पैन को तेज आंच पर गर्म करें, अब उस पर 1 चम्मच देसी घी डालें और कुछ समय इंतजार करें। अगर घी तुरंत पिघल कर भूरे रंग का हो जाए, तो समझ जाइए घी असली है। यदि घी को पिघलने में समय लग रहा है या ये पीले रंग का ही दिख रहा है तो घी नकली है।
हथेली पर चेक करें
1 चम्मच देसी घी को अपनी हथेली पर रखकर 1 मिनट का वेट करें। शुद्ध घी तुरंत हथेली पर पिघलने में समय लगता है। वहीं, नकली घी पिघलने में थोड़ा ज्यादा समय ले सकता है।
वाटर टेस्ट
1 कटोरी में पानी ले लें। अब इस पानी में 1 चम्मच देसी घी में डालकर भी चैक कर सकते है। असली घी पानी में तैरता हुआ दिखेगा, जो घी नकली होगा वो कटोरी में नीचे जाकर बैठ जाएगा।
नमक से करें जांच
इसके लिए आपको सबसे पहले 1 चम्मच देसी घी को गर्म करना होगा। अब इसके बाद इसमें चुटकी भर नमक डालें। 2 मिनट बाद देखें, अगर घी असली होगा तो रंग नहीं बदलेगा, वहीं नकली घी का रंग नमक के साथ थोड़ा अलग नजर आने लगता है।
फ्रीजिंग टेस्ट
इसके लिए आपको पहले थोड़ा सा देसी घी गर्म करना है और पकाए हुए घी को एक कांच के बॉक्स या बर्तन में रखकर फ्रिज में स्टोर करे। कुछ समय बाद, कम से कम 1 घंटे बाद देखें, अगर घी असली होगा तो वैसा ही रहेगा जैसे पहले था। अगर घी नकली होगा तो कांच के बर्तन में रखा घी का रंग अलग-अलग सा, जैसे थोड़ा भूरा या हरा दिख सकता है।







