इन दिनों फेस्टिवल सीजन चल रहा है, दिवाली जो हिन्दू धर्म का सबसे पवित्र त्यौहार माना जाता है, हर घर के कई दिनों पहले से तैयारियां शुरू हो जाती है। इस त्यौहार को रोशनी और दियों के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। चारों तरफ फ रंग-बिरंगी लाइटों से चकाचौंध होती है। दिवाली पर फैंसी लाइटें लगाने का भी ट्रेंड है, ये लाइटें आपको घर, दुकानों, सड़कों से लेकर दफ्तरों तक में लगी हुई मिल जाती हैं। लेकिन कुछ लोगों को इन लाइट्स से मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है? आइए जानते हैं कि उत्सव के दौरान त्योहार की रोशनी हमारे मूड और मेंटल हेल्थ को कैसे प्रभावित करती है। इसके साथ-साथ जानिए इनके प्रभाव से खुद को बचाने के लिए कुछ जरूरी टिप्स।
दिवाली की लाइटों से दिमाग पर असर
दिवाली की लाइटों से चमक और रंगों की मात्रा बढ़ जाती है, जो आंखों पर असर डालती हैं। कुछ लोगों को सीधा आंखों से इन रोशनियों को देखने में समस्या होती है। इस वजह से इन लोगों के अंदर तनाव आता है। इससे सेंसिटिव लोगों को तो इन लाइटों से बहुत ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। इस कारण इन लोगों की खुशियों भरी दिवाली फीकी पड़ सकती है।
सोने में परेशानी होना
यह समस्या अधिकतर उन लोगों की होती है जो लोगों को दिवाली पर कलरफुल लाइटें लगाना तो काफी पसंद है, लेकिन वही लाइटों की रोशनी उन्हें रात के समय सोने में परेशानी देती है। ऐसा होना लाजमी है, क्योकि अच्छी नींद के अँधेरे की जरूरत होती है। यही नहीं, दिवाली की लाइटों से निकली से निकलने वाली किरणे हमारे शरीर पर भी अपना प्रभाव डालती है, जिससे हार्मोन इंबैलेंस होता है।
ओवरलोड
इन लाइटों का असर ऐसा होता है कि ये कुछ लोगों को ओवरलोड की भावना देने लगती हैं। उन्हें बेवजह के कामों का भार महसूस होने लगता है, जिससे चिंता और तनाव में भी बढ़ोतरी होती है।
आंखों पर प्रभाव
लंबे समय तक रंगीन लाइटों की रोशनी के संपर्क में रहने से आंखों में तनाव या बेचैनी हो सकती है, जिससे सिरदर्द और थकान की समस्या बढ़ सकती है।
इन टिप्स से खुद को बचाएं
अपने घर पर हल्की रोशनी वाली लाइटें लगाएं।
आप अपने घर की सजावट के लिए ज्यादा वाइब्रेंट रंगों का यूज ना करें।
कुछ दिनों के लिए अपने आराम करने और बैठने का स्थान बदल दें, आप अंदर के कमरों का प्रयोग करें, जहां शांति और ज्यादा रोशनी न आ सके।
रात को सोते वक्त घर में लगाई लाइटों को बंद कर लें।
यदि आस-पास की रोशनी से आप नहीं सो पा रहे हैं तो रात के समय खिड़की-दरवाजे बंद कर लें।
इसके अलावा खुद को हाइड्रेट रखें, ज्यादा मिठाई न खाएं तथा फोन और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।







