Himachal News: प्रदेश में सेब सीजन की शुरुआत हो चुकी है और पहली बार सेब मंडियों में किलो के हिसाब से सेब बिक्री हो रहीं हैं जिसके लिए बागवानी मंत्री ने यह स्पष्ट किया है

कि प्रदेश की मंडियों में सेब किलो के हिसाब से ही बिकेगा।
यूनिवर्सल ग्रेडिंग के अनुसार 24 किलो से अधिक सेब पेटियों में नहीं आता
24 किलो की सेब पैकिंग को लेकर मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सल ग्रेडिंग के अनुसार 24 किलो से अधिक सेब पेटियों में नहीं आता लेकिन क्योंकि यह पहला वर्ष है किलो के हिसाब से बिक्री का , तो अभी बागवान 24 किलो अथवा अधिक की पेटी के अलावा क्रेटों में भी सेब लेकर आ सकते हैं जिसकी बिक्री किलो के हिसाब से ही की जाएगी ।बागवानी मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों के द्वारा सेब बिक्री की नयी व्यवस्था का विरोध किया जा रहा है और भ्रांतियां फैलाई जा रही है ।उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार वजन के हिसाब से सेब बेचा जा रहा है ऐसे में बागवानों में चिंताएं और कन्फ्यूजन है।
मंडियों में सेब वजन के हिसाब से ही बिकेगा
उन्होंने कहा कि मंडियों में सेब वजन के हिसाब से ही बिकेगा फिर चाहे बागवान 5 किलो की पैकिंग लेकर आते हैं या 24 किलो की या अधिक की । जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार ने 24 किलो की सीलिंग लगाने का फैसला जनता के हित में देखते हुए किया था अगर इसमें संशोधन की जरूरत है तो सरकार उसके लिए तैयार है और अधिकारियों के साथ कल होने वाली बैठक में विचार विमर्श कर फैसला किया जाएगा ।प्रदेश में भांग की खेती को लेकर सरकार प्रयासरत है और इस संबंध में बाहरी राज्यों, विभिन्न विश्वविद्यालय और विदेशों का भी दौरा कर हर संभव परिस्थितियां जांची जाएगी ।
प्रदेश में भांग की खेती को लीगल करने का अध्ययन किया जा रहा
भांग की खेती को लेकर गठित समिति के अध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर इस संबंध में राय ली जा रही है और समिति द्वारा प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों जैसे उत्तराखंड और मध्य प्रदेश का दौरा भी किया जा चुका है । वही आने वाले समय में इस विषय पर अधिक जानकारी और विचार विमर्श के लिए विदेशों का भी दौरा किया जाना है उन्होंने बताया कि प्रदेश में भांग की खेती को लीगल करने और इसके औषधीय व औद्योगिक इस्तेमाल को लेकर हर पहलू पर सलाह और जानकारियों को एकत्र कर अध्ययन किया जा रहा है ।
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