भारत में कार मोडिफाई को लेकर के काफी ज्यादा सख्त नियम है, अगर आप इन नियमों के विरुद्ध जाकर कुछ करवाते है तो आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। इन सब के बावजूद भी आफ्टरमार्केट इंडस्ट्री में बढ़ोतरी होती जा रही है। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 52 के मुताबिक, गाड़ी को कोई मालिक अपनी गाड़ी में कोई भी चेंजेज तब तक नहीं करवा सकता है जब तक जिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) पर मैन्युफैक्चरर द्वारा बताई डिटेल्स अलग है, इसे को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको कार मॉडिफिकेशन का सही तरीका बता रहे है जिसके बाद में पुलिस चालान काट नहीं काटेगी।
अलॉय व्हील करवा सकते हैं चेंज
यदि आपकी कार में स्टील व्हील दिए गए है तो आप उनकी जगह अलॉय व्हील डलवा सकते है ऐसा करना कानून के खिलाफ नहीं है। आप बेहद स्टाइलिश अलॉय व्हील को फिट करा सकते हैं, इससे कार को पहले से शानदार लुक भी मिल जाएगा। कार कंपनी के जरिए तय किया गया साइज हो और व्हील का के बॉडी के बाहर निकले नजर ना आएं।
कार का कलर
आप अपनी कार का कलर चेंज करने के साथ साथ उस पर रैप भी करवा सकते है, इसके लिए आपको स्थानीय RTO ऑफिस जाकर परमिशन लेनी होगी। इसके साथ ही आपकी गाड़ी की RV में इसे मेंशन करवाना होगा। इस तरह से कार का कलर चेंज करने पर आप पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगेगा।
पेंट प्रोटेक्शन फिल्म
अपनी कार को स्क्रैच, यूवी एक्सपोजर, चिड़िया की बीट आदि से सुरक्षित रखने के लिए PPF यानी पेंट प्रोटेक्शन फिल्म लगवा सकते हैं। यह एक पतली ट्रांसपेरेंट लेयर होती है। इस खास तौर पर कार की प्रोटेक्शन के लिए डिजाइन किया गया है। इसे लगाने से कार का कलर और डिजाइन दोनों ही चेंज नहीं होते हैं।
यूवी-कट ग्लास
इंडिया में कारो में टीटेंट विंडोज दी जाती है। इससे गर्मी के मौसम में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे छुटकारा पाने के लिए आप यूवी कट ग्लास लगवा सकते है ऐसा करना थोड़ा महंगा पड़ सकता है लेकिन इस तरह से कार मोडिफाई करने से आपको जुर्माना नहीं भरना पड़ेगा।
बॉडी किट
लोगो को कार में बॉडी कीट लगवाने का काफी शौक होता है ऐसे में कंपनियां भी अब बॉडी किट लगाकर दे रही हैं। इसमें फ्रंट स्प्लिटर, बॉडी क्लैडिंग और साइड पैनल जैसी चीजे आती है जिनका इस्तेमाल करने से कार का लुक वाइज और बेहतर दिखने लगती है। साथ ही कार के बॉडी स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं होता है और आप मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों में शामिल नहीं है।







