Himachal Pradesh Tourism : होम स्टे नीति
Himachal Pradesh Tourism : सुखविंदर सिंह सुखु की सरकार द्वारा नई होम स्टे पॉलिसी लागू की जा रही है। यह नीति प्रदेश में पर्यटन को गति देने के उद्देश्य से बनाई गई है। इस नई नीति के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण पहलू हैं।
नई होम स्टे पॉलिसी के तहत, होम स्टे के कमरों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ाकर अब 6 हो गई है। इससे पर्यटकों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी और होम स्टे व्यवसायियों को अधिक आवास स्थल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, सरकार ने होम स्टे पर सेस लगाने की योजना भी बनाई है ताकि राजस्व बढ़ाया जा सके।

प्रदेश में 3500 से अधिक होम स्टे के नियमों में संशोधन :
सुखु सरकार की यह नई होम स्टे नीति के तहत प्रदेश में 3500 से अधिक होम स्टे के नियमों में संशोधन किए जाएंगे ताकि वे पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बन सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित होम स्टे व्यवसायों को सरकार अब तक कोई शुल्क नहीं वसूलती थी, लेकिन अब होम स्टे पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए 100 और 50 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में होम स्टे नीति का पहला आदेश 2008 में जारी किया गया था, लेकिन सुखु सरकार ने इसे और भी प्रभावी और आकर्षक बनाने का निर्णय लिया है। नई होम स्टे नीति के तहत, होम स्टे के कमरों की संख्या बढ़ाकर 6 की जाएगी और सेस लगाने की योजना बनाई गई है जो राजस्व को बढ़ाने में सहायता करेगी।

यह नई होम स्टे नीति पर्यटन क्षेत्र में स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में खूब चर्चा का विषय बन रही है। इन होम स्टे पर्यटक लंबे समय तक ठहर सकते हैं और इससे पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई होम स्टे नीति के तहत होम स्टे संचालन करने वालों से सरकार कोई शुल्क नहीं वसूलेगी, लेकिन पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए मात्र 100 और 50 रुपये का शुल्क रखा गया है।

Himachal Pradesh Tourism :
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने नई होम स्टे नीति के बारे में विचारों का आयोजन किया है और बजट में इसकी घोषणा भी की थी। यह नीति प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुगमता लाने और संचालन करने वालों को लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की जा रही है। इसके साथ ही, नई योजनाएं भी शामिल हो सकती हैं जो होम स्टे संचालन करने वालों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करेंगी।
यह नई होम स्टे नीति हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को गति देने का प्रयास करेगी और पर्यटन उद्योग को और भी आकर्षक बनाने में मदद करेगी। प्रदेश के पर्यटन क्षेत्रों में आगंतुकों की गति को तेज करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है और उम्मीद है कि इससे पर्यटन उद्योग में नयी ऊर्जा आएगी।








