सत्तू पाउडर, एक पारंपरिक भारतीय फूड है, जो भुनी और प्सिस हुई दालों से बनाया जाता है। सत्तू खाने से शरीर को भरपूर पोषण मिलता है, इसके साथ ही सत्तू का इस्तेमाल कई फेमस इंडियन डिशेज में भी किया जाता है। सत्तू को प्रोटीन और अन्य जरुरी पोषक तत्वों का एक बेहतरीन सोर्स माना जाता है। हम इसे इंडियन सुपरफूड भी कह सकते हैं। सत्तू में प्रोटीन होता है, पर क्या इस पाउडर में उतना प्रोटीन है जितना किसी इंसान के लिए पर्याप्त होता है। ऐसे में आइए जान लेते है सत्तू के बारे सभी जानकरी।
सत्तू का प्रोटीन लेवल
सत्तू में प्रोटीन की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि इसे बनाने के लिए किस तकनीक और किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है। आम तौर पर चने का सत्तू बनाया जाता है, जिसमें प्रति 100 ग्राम में लगभग 20-30 ग्राम प्रोटीन होता है। प्रोटीन के अलावा, यह आहार फाइबर, विटामिन और आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिजों से भरपूर होता है। वहीं, गेहूं के सत्तू की बात करें तो इसमें प्रोटीन की मात्रा कम होती है। डाइटिशियन के अनुसार, सत्तू का पोषण इस बात पर भी निर्भर करता है कि दाल की खेती कैसी हुई है।
सत्तू में प्रोटीन के फायदे
सत्तू के इस्तेमाल अलग अलग तरह के व्यंजनों में भी किया जाता है। इसे पानी में मिलाकर ताजा ड्रिंक बनाकर भी पिया जा सकता है या आजकल स्मूदी रूप में भी पिया जाता है। इसके अलावा, सत्तू के पराठे और लिट्टी काफी मशहूर हैं। वही पोषण की बार करे तो प्रोटीन के लिहाज से सत्तू कभी भी एनिमल प्रोटीन जितना न्यूट्रिएंट आपको नहीं दे सकता है। ऐसे में सिर्फ सत्तू आपको पर्याप्त प्रोटीन देगा, इस बात को मानना सही नहीं है।
सत्तू के फायदे
सत्तू शाकाहारी लोगों के लिए बढ़िया प्रोटीन सोर्स है।
सत्तू आपको एनर्जी देने का काम करता है।
सत्तू को पानी में मिलाकर पीने से हाइड्रेशन बना रहता है।
इसके सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है, जिससे हृदय रोगों से बचा जा सकता है।
इन लोगो को करना चाहिए बचाव
हालांकि, सत्तू बेहद लाभकारी होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में जैसे-स्किन एलर्जी में, पाचन संबंधी समस्याओं में और गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।







