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Saubhagya Sundari Vrat: आज करें सौभाग्य सुंदरी व्रत!! शुभ मुहूर्त में इस तरह से करें पूजा

Saubhagya Sundari Vrat

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Saubhagya Sundari Vrat: आपकी जानकारी के लिए बता देना आज 11 नवंबर शुक्रवार के दिन सौभाग्यसुंदरी व्रत है। यह व्रत मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। यह व्रत खासतौर पर सुहागन औरतें रखती है, ताकि उनका अखंड सौभाग्य बना रहे और वह अत्यंत सौंदर्य प्राप्त करें।इस व्रत की विधि विधान से पूजा की जाती है। यहां तक की तीज की तरह इस व्रत को मनाया जाता है। आज के दिन खास तौर पर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। हम आज आपको बताएंगे इस व्रत को करने की विधि और शुभ मुहूर्त।

Saubhagya Sundari Vrat

Saubhagya Sundari Vrat: सौभाग्य सुंदरी व्रत 2022 मुहूर्त:

इसी मार्गशीष के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुरुआत 10 नवंबर यानी गुरुवार की शाम के 6:32 पर शुरू हुई है।

वहीं दूसरी ओर इस व्रत की समाप्ति 11 नवंबर यानी कि शुक्रवार के रात के 8:17 पर समाप्ति होगी।

पूजा करने का शुभ समय सुबह के 8:01 से शुरू होकर 10:44 पर खत्म होगा।

रात में पूजा करने का शुभ मुहूर्त 8:47 से शुरू होकर रात के 10:26 तक रहेगा।

11 नवंबर यानी आज के दिन सुबह के 9:30 बजे तक शिवयोग रहने की संभावना है।

Saubhagya Sundari Vrat

Saubhagya Sundari Vrat: सौभाग्य सुंदरी व्रत और पूजा विधि:

आज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से नियुक्त होकर सौभाग्य सुंदरी व्रत करने का प्रण ले।

जब हमारे पूजा करने का वक्त शुरू हो जाए उस दौरान चौकी पर माता पार्वती भगवान शिव और उनके बेटे गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।

अब आप सबसे पहले भगवान गणेश जी को फूल, अक्षत्, दूर्वा, कुमकुम, पान का पत्ता, सुपारी, मोदक, धूप, दीप आदि अर्पित करें। गणेश जी प्रथम पूज्यनीय हैं, इसलिए उनकी पहले पूजा करते हैं।

गणेश जी की पूजा होने के बाद भगवान शिव की पूजा करें सबसे पहले भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल, शहद, गंगाजल आदि चढ़ाएं।

Saubhagya Sundari Vrat

अब माता पार्वती की पूजा करें और उन्हें सिंदूर, लाल फूल, फल, अक्षत्, कुमकुम, नैवेद्य, लाल साड़ी, एक चुनरी, मेहदी, महावर, श्रृंगार की सामाग्री, सुहाग का सामान, मिठाई आदि चीजें चढ़ाएं।

सारे चढ़ावा चढ़ाने के बाद माता पार्वती की चालीसा पढ़े और उसके बाद सौभाग्य सुंदरी व्रत की कथा सुने। पूजा करते घी का दीपक जलाकर भगवान शिव, गणेश जी और माता पार्वती की आरती उतारे।

पूजा होने के बाद माता पार्वती से अखंड सौभाग्यवती और अखंड व सौंदर्य की कामना करें। ऐसा कहा जाता है कि माता पार्वती की कृपा से आपकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है।

Firenib
Author: Firenib

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