माँ कालरात्रि की पूजा सुबह और रात दोनों समय करने का विधान है यह माँ पार्वती का उग्र का रूप है जिनकी पूजा अर्चना करने में साधक को रोग दोष से मुक्ति मिल सकती है इसके साथ माँ काली की उपासना से तंत्र मंत्र के असर को भी समाप्त किया जा सकता है। ऐसे में चलिए जान लेते है माँ काली की पूजा के दौरान आपको किन किन बातो का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।
मां कालरात्रि की पूजा जरूर करें ये काम
मां कालरात्रि की पूजा में लाल या फिर गहरे नीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके साथ ही माता काली को लाल रंग की चीजें जैसे गुड़, गुड़हल आदि अर्पित करने चाहिए। इसी के साथ मां कालिका को गुड़ से बनी चीजों का भी भोग लगा सकते हैं। पूजा के बाद आप प्रसाद में चढ़ाए गए गुड़ को किसी ब्राह्मण को दान कर सकते हैं या फिर अन्य लोगों में भी बांट सकते हैं।
इस मंत्र का करे जाप
इस दिन माँ कालरात्रि की पूजा में ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ मंत्र का जप कर सकते है ऐसा करना बहुत शुभकारी होता है। इसी के साथ आप इस दिन माँ दुर्गा चालीसा और माँ सप्तशती का पथ भी कर सकते है। वही पूजा समाप्त होने के बाद सहपरिवार मां कालरात्रि की आरती करें और जयकारे लगाएं। इससे मां कालरात्रि आपसे प्रसन्न होती हैं और साधक को सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है।







