दुनिया में माँ बनना सबसे खूबसूरत तोहफा होता है। हालाँकि माँ बनना इतना भी आसान नहीं है, जो महिलाएँ पहली बार माँ बन रही है उनके सामने कई तरह की चुनौतियां आती है। बच्चे के जन्म के बाद आधा समय बच्चे को संभालने में ही निकल जाता है। अक्सर महिलाओं के सामने यह चनौती अक्सर बनी रहती है कि बच्चे के लिए क्या सही है और क्या गलत। पाउडर ऐसी चीज है, जो महिलाएँ बच्चो की त्वचा पर लगाती है। यह प्रक्रिया काफी पुरानी है। तो आइए जान लेते है टैलकम पाउडर के बारे में जान लेते है।
नानी-दादी का नुस्खा
दरअसल, ऐसा हमारे घरों में काफी पुराने समय की कहानी है। गर्मियों या बरसात के दिनों में जब भी बच्चे को घमौरी या खुजली होती थी, तो दादी-नानियां अक्सर ये कहती थीं कि पाउडर लगा दो। इससे बच्चे को ठंडक मिलेगी। वैसे तो हम ऐसा बड़ों की सलाह पर करते हैं, लेकिन टैल्कम पाउडर बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है।
टैल्कम पाउडर के नुकसान
सांस लेने में दिक्कत
पाउडर के छोटे-छोटे कण बच्चों की त्वचा से उनकी नाक और मुंह के रास्ते से आसानी से शरीर में चले जाते है। इससे बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। टैल्कम पाउडर बच्चों के फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है।
स्किन रैश
बच्चों की त्वचा नाजुक होती है। इस पर पाउडर लगाने से उन्हें रैश, खुजली और जलन की समस्या होती है और टैल्कम पाउडर के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों की त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते भी बन सकते हैं।
कैंसर
कुछ रिसर्च में टैलकम पाउडर का कैंसर कारक माना जाता है। ऐसे में बच्चों को टैल्कम पाउडर लगाना हानिकारक हो सकता है। जेनिटल एरियाज पर पाउडर लगाने से ओवेरियन कैंसर हो सकता है।
कैसे बनता है टैलकम पाउडर
टैल्कम पाउडर में टैल्क मैग्नीशियम, सिलिकॉन और ऑक्सीजन के मिनरल्स जैसे तत्व मौजूद होते है। टैल्कम पाउडर बनाने के लिए सोपस्टोन नाम के पत्थरों का इस्तेमाल होता है, जिसे फैक्ट्री में मशीनों द्वारा अच्छे से पीसा जाता है। टैलकम पाउडर बच्चो से लेकर बड़ो तक सबके लिए हानिकारक होता है।







