नाबार्ड ने ऋण व अनुदान योजनाओं की जानकारी दी बैंक अधिकारियों को, बुनकरों के लिए आसान ऋण जारी करने की दी हिदायत

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक(नाबार्ड),ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले सभी वर्गों के विकास के लिए समय-समय पर इसके द्वारा प्रायोजित विभिन्न प्रकार की योजनाओं एवं प्रोग्रामों की जानकारी हितधारकों को मुहैया करवाता रहता है ताकि वे योजनाएं जन जन तक पहुँच सके।इस कड़ी के तहत नाबार्ड के जिला विकास मैनेजर राकेश वर्मा की ओर से सैल्फ हेल्प ग्रुपों व ज्वाइंट लाइबिलिटी ग्रुपों के बारे में मंडी के बैंक अधिकारियों के साथ एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप में पंजाब नैशनल बैंक के डेप्युटी सर्कल हैड राकेश कौल बतौर मुख्य मेहमान के तौरपर शामिल हुए।इस दौरान उपस्थित बैंक को उन्होंने कहा कि बैंकों को चाहिए कि वे गरीब ग्रामीण महिलाओं और किसानों की मदद के लिए आगे आएं और सामाजिक संस्थाओं की ओर से गठित किए जा रहे सैल्फ हैल्पग्रुपों के खाते पहल के आधार पर खोलें तथा उनको सही समय पर कर्ज मुहैया करवाएं।वर्कशॉप में नाबार्ड द्वारा सैल्फ हैल्प ग्रुपों,ज्वाइंट लाइबिलिटी ग्रुपों और विभिन्न सब्सिडि योजनाओं के बारे में बैंक अधिकारियों को जानकारी दी गई । उनको नाबार्ड, आर.बी.आई. व भारतसरकार द्वारा इन स्कीमों के लिए जारी हिदायतों के बारे में बताया गया। इस अवसर पर जिला विकास मैनेजर राकेश वर्मा ने नाबार्ड द्वारा जिले में चल रहे विभिन्न परियोजनाओं के बारे में बैंक अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होने बताया कि जिले में नाबार्ड द्वारा बुनकरों के लिए विशेष अभियान के तहत सरोहा में एक क्लस्टर विकसित किया गया है जिसमें लगभग 500 बुनकरों की एक कंपनी बनाई गई है । उन्होने बैंको से आग्रह किया कि वे उन बुनकरों को जेएलजी के माध्यम से ऋण प्रदान करें । इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिले में नाबार्ड के सहयोग से और भी कार्यक्रम जैसे किसान उत्पादक संगठन, वाटेरशेड परियोजनाएं, रुरल मार्ट इत्यादि चल रहे हैं, बैंक इन परियोजनाओं के अंतर्गत कवर किए गए गाँवों और लाभार्थियों को जेएलजी और एसएचजी के माध्यम से ऋण प्रदान कर सकते हैं।








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