हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के एक बयान से भारत और अमेरिका के बीच में रिश्ते सुधरते हुए दिख रहे है। दरअसल मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को फिक्स के लिए तैयार है। रुबियो का कहना है कि ये टैरिफ भारत के रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाया गया है वही अमेरिका यूक्रेन को लेकर रूस पर नए प्रतिबंध लगाने पर चर्चा का रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारत-अमेरिका के बीच संबंध बिगड़ने लगे थे। इसके बाद रूस-यूक्रेन के मुद्दे पर दोनों देशों को बीच तनाव और बढ़ा। वही परिस्थितियां ऐसी आ गईं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिर्फ भारत के खिलाफ 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया बल्कि ऐसे बयान भी चर्चा में आ रहे है कि हाल ही में सबसे बड़े युद्ध का कारण भारत ही है। भारत और अमेरिका के रिश्ते ही नहीं व्यापार भी प्रभावित हुआ। हालांकि दोनों देशों के बीच बर्फ थोड़ी पिघलती दिख रही है।
भारत-अमेरिका के बीच नरमी के संकेत
मार्को रुबियो ने सोमवार को न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के मौके पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाक़ात कि है दोनों के बीच में करीब एक घंटे तक बातचीत जारी रही। यह बैठक उन तनावों के बाद पहली बार हुई है जो भारत पर अमेरिका के टैरिफ और रूस से भारत के ऊर्जा आयात को लाके बढ़े थे। इस मुलाक़ात के बाद में रुबियो का कहना है कि भारत, अमेरिका के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण सहयोगी देश रहा है। खासतौर से व्यापार, ऊर्जा, फार्मा और क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में भारत के साथ में खासतौर से चर्चा की है।
जब से भारत और अमेरिका से संबंधों में तनाव आया है तब से पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच सोशल मीडिया के बीच ही सम्पर्क हुआ है जिसमें पीएम मोदी के जन्मदिन पर दी गयी ट्रंप की बधाई काफी ज्यादा चर्चा में बनी हुई है। कहा जा रहा है कि यूएनजीसी की मीटिंग में दोनों के बीच मुलाकात हो सकती है लेकिन जब इसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर के जाने का ऐलान हुआ, ऐसे में जब चीजे सामान्य होती हुई दिख रही है तो दोनों देशो की ओर से कोशिश की जा रही है कि पीएम मोदी और अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो और बातचीत आगे बढ़े।







