OPS ओल्ड पेंशन पर केंद्र सरकार का नया पैंतरा, ओपीएस के बाद घट सकती है ऋण की लिमिट

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ओल्ड पेंशन पर केंद्र सरकार का नया पैंतरा, ओपीएस के बाद घट सकती है ऋण की लिमिट

एनपीएस कंट्रीब्यूशन के बदले अतिरिक्त लोन का ऑफरन्यू पेंशन स्कीम से पुरानी पेंशन योजना में जाने वाले राज्यों की संख्या बढ़ता देख केंद्र में एक नया पैंतरा चला है। ऐसे वक्त में जब हिमाचल सरकार भारत सरकार को चि_ी भेजकर यह सूचना दे चुकी है कि राज्य सरकार ने ओल्ड पेंशन में जाने का फैसला ले लिया है, दिल्ली से एक नया ऑफर आया है। राज्यों को भेजे गए पत्र में केंद्र ने पूछा है कि राज्य न्यू पेंशन स्कीम कंट्रीब्यूशन में हर साल कितना भुगतान कर रहा है? इस राशि के बदले राज्य को अतिरिक्त लोन लेने की अनुमति दी जा रही है। वित्त विभाग के अधिकारी आशंकित हैं कि अभी सिर्फ एनपीएस कंट्रीब्यूशन के बदले लोन लेने की बात लिखित रूप में की गई है, लेकिन इसके बाद यह शर्त भी लगेगी कि यदि ओल्ड पेंशन में गए या एनपीएस का कंट्रीब्यूशन बंद किया तो उतनी राशि संबंधित राज्य की लोन लिमिट से काटी जा सकती है। ऐसा हुआ तो हिमाचल को ओल्ड पेंशन लागू करने के बाद लोन की लिमिट में कटौती भी झेलनी पड़ सकती है।राज्य सरकार हर साल एनपीएस कंट्रीब्यूशन के तौर पर करीब 1700 करोड़ रुपए अदा कर रही थी। इसमें सरकार और कर्मचारी दोनों का हिस्सा शामिल था, लेकिन अब कैबिनेट में ओपीएस लागू करने की सूचना केंद्र को भेज दी गई है और यहां सरकार इसे लागू करने को लेकर अब प्रक्रिया अधिसूचित करेगी। वित्त विभाग इस प्रक्रिया पर काम कर रहा है। छत्तीसगढ़ की नोटिफिकेशन को मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने खुद भी पढ़ लिया है। वित्त विभाग के अधिकारियों को इस बात का संतोष भी है कि जो प्रावधान उन्होंने मुख्यमंत्री को पहली बैठक में बताए थे, उसी रास्ते को छत्तीसगढ़ में भी चुना है। हालांकि राजस्थान और झारखंड इसमें कुछ कमियां छोड़

Firenib
Author: Firenib

EMPOWER INDEPENDENT JOURNALISM – JOIN US TODAY!

DEAR READER,
We’re committed to unbiased, in-depth journalism that uncovers truth and gives voice to the unheard. To sustain our mission, we need your help. Your contribution, no matter the size, fuels our research, reporting, and impact.
Stand with us in preserving independent journalism’s integrity and transparency. Support free press, diverse perspectives, and informed democracy.
Click [here] to join and be part of this vital endeavour.
Thank you for valuing independent journalism.

WARMLY

Chief Editor Firenib

28 Responses

  1. Pingback: generic rhinocort
  2. Pingback: nutritional shake
  3. Pingback: sexy women
  4. Pingback: LavaComplex88
  5. Pingback: kc9
  6. Pingback: Best Thai Houston
  7. Pingback: mawinbet
  8. Pingback: lsm99k
  9. Pingback: Sofwave

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *