Balichowki:बाली चौकी क्षेत्र में संघर्ष करने को लेकर माकपा ने बनाई रूपरेखा

आज माकपा लोकल कमेटी बलीचौकी की बैठक साथी हिरा लाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में लोकल कमेटी सचिव महेंद्र राणा ने रिपोर्ट रखी। बैठक में बाली चौकी क्षेत्र के मुद्दों पर गहनता से चर्चा की गई और मुद्दों को लेकर आने वाले समय में बाली चौकी क्षेत्र में संघर्ष करने को लेकर रूपरेखा बनाई गई ।गौरतलब है कि माकपा लगातार भाजपा और कांग्रेस की सांठगांठ का आरोप लगाती आई है। जबसे नई सरकार सत्ता में आई है तब से लेकर आज तक के घटनाक्रम ने इन आरोपों को पुख्ता किया है। पिछली सरकार ने क्षेत्र में लोगों की सुविधाओं के लिए कुछ संस्थान खोले थे, परंतु इस सरकार ने सत्ता में आते ही तमाम कार्यालयों को बंद कर दिया। परंतु भाजपा ने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा। वहीं दूसरी ओर कांग्रेसी सत्ता के नशे में चूर आपस में ही लड़ाई लड़ने में व्यस्त है जबकि क्षेत्र में लगातार समस्याएं बढ़ रही है, स्कूलों में अध्यापक नहीं है, महाविद्यालय में प्राध्यापक नहीं है, गाडागुशैणी महाविद्यालय मात्र दो अध्यापकों के सहारे चल रहा है, बहुत से स्कूल मात्र डेपुटेशन पर चलाए जा रहे हैं, वेटरनरी में फार्मेसिस्ट नहीं है, सड़कों की दशा दुर्दशा है। परंतु इन मुद्दों की ओर ध्यान ना देकर कांग्रेस आपस की खींचातानी में और मंच पर कुर्सी हासिल करने के लिए लड़ाई लड़ रही है। माकपा, भाजपा और कांग्रेस दोनों की मौका परस्त नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा करती है। माकपा क्षेत्रीय कमेटी बाली चौकी ने यह भी निर्णय लिया कि फरवरी महीने में पूरे बाली चौकी क्षेत्र में मनरेगा के 100 दिन की रोजगार की मांग, श्रमिक कल्याण बोर्ड के द्वारा लोगों की रोकी गई तमाम सुविधाओं को दिलाने के लिए गांव-गांव में अभियान करेगी मार्च में इन समस्याओं को लेकर बाली चौकी में प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में हीरालाल, प्रकाश चंद, शकुंतला, यदुनंदन राय, मीर चंद, केहर सिंह वह राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा सहित कई लोग उपस्थित थे।







