Uttar Pradesh के औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता की के वायरल पत्रों से सियासी गलियारे में आया भूचाल

Nand Gopal Gupta

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इस समय Uttar Pradesh की योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता काफी सुर्ख़ियों में हैं। इसक कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उनकी दो चिट्ठियां हैं। आपको बता दें मगलवार को नंदी ने दो लैटर बम दागे, जिसके बाद से वह हेडलाइंस में बने हुए हैं। जानकारी के लिए बता दें पहली चिट्ठी प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह को लिखी गई है। इस चिट्ठी में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वहीं दूसरी चिट्ठी उनके कार्यालय की पत्रावली का हिस्सा है।

हालाँकि यह पात्र गोपनीय रखा जाना चाहिए था, लेकिन यह भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आपको बता दें ये पहली बार नहीं है कि नंदगोपाल द्वारा इस प्रकार का पत्र लिखा गया है। इसे देखर यह बात साफ़ है कि Uttar Pradesh के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले इस विभाग में कुछ तो गड़बड़ है। चिट्ठी की भाषा से साफ़ पता चलता है कि उनके और अफसरों के बीच सामंजस्य का आभाव है। आपको बता दें उनकी इस चिट्ठी के बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की औद्योगिक भूखंड आवंटन योजना रद्द कर दी गई है।

चिट्ठी में क्या लिखा Uttar Pradesh औद्योगिक विकास मंत्री ने

आपको बता दें Uttar Pradesh के औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता द्वारा लिखी गई ताजा चिट्ठी में उन्होंने कहा कि उनके द्वारा 17 जुलाई 2023 को कार्यालय की टिप्पणी में इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी को पारदर्शी और ऑब्जेक्टिव बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण नीति परक पत्रावली पर मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन लेने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया और आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा उनके पास शिकायत पंहुची है कि प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी नहीं है।

नंदी ने अपनी चिट्ठी में अफसर को इस संबंध में जल्द से जल्द टिप्पणी प्रस्तुत करने को कहा है। आपको बता दें हाल ही में Uttar Pradesh में कितने भूखंड किस-किस औद्योगिक संस्था को और किस आधार पर आवंटित किए गए हैं एवं प्रक्रिया की प्रगति व सुझावों के साथ एक टिप्पणी मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन हेतु प्रस्तुत की जाएगी। नंदगोपाल गुप्ता ने आगे कहा कि जब तक माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश नहीं आ जाते तब तक ई-ऑक्शन के अलावा किसी अन्य माध्यम से औद्योगिक भूखंडों का आवंटन नहीं किया जाए।

नंदगोपाल गुप्ता इससे पहले भी फोड़ चुके हैं लेटर बम

जानकारी के लिए बता दें यह पहले बार नहीं है जब औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने लेटर बम फोड़ा है। इससे पहले वह विकास प्राधिकरणों के अफसरों के विरुद्ध प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव को पत्र लिख चुके हैं। आपको बता दें 5 अगस्त 2022 को नंद गोपाल गुप्ता द्वारा ग्रेटर नोएडा के तत्कालीन उप महाप्रबंधक को लिखी गई चिट्ठी भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी।

Durg Rathor
Author: Durg Rathor

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